कबीरपंथ का छत्तीसगढ़ में गहरा असर, इसलिए यहां के लोग शांति प्रिय: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

00दामाखेड़ा संत समागम में बड़ी घोषणा
समारोह की राशि 50 लाख से बढ़ाकर 75 लाख की गई00
00डबल इंजन सरकार से मिल रहा सीधा लाभ, छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की राह पर00
रायपुर, 1 फरवरी 2026।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रविवार को माघ पूर्णिमा के अवसर पर कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा में आयोजित सतगुरु कबीर संत समागम समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने पंथ उदित मुनि नाम साहेब और पंथ प्रकाश मुनि नाम साहब को चादर-श्रीफल भेंट कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री ने संत समागम समारोह की राशि 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 75 लाख रुपये करने की घोषणा की, जिसे लेकर कबीरपंथी समाज में खासा उत्साह देखा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कबीरपंथ का छत्तीसगढ़ के जनजीवन पर व्यापक प्रभाव है, यही वजह है कि यह भूमि शांति प्रिय मानी जाती है। उन्होंने बताया कि वे बचपन से कबीरपंथ से जुड़े रहे हैं और उनके गांव बगिया में भी कई कबीरपंथी परिवार हैं।
दामाखेड़ा का नाम ‘कबीर धर्मनगर’ किए जाने को लेकर राजपत्र में प्रकाशन की अंतिम प्रक्रिया जारी है, यह जानकारी भी मुख्यमंत्री ने दी।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार से लोगों को सीधा फायदा मिल रहा है और छत्तीसगढ़ तेजी से विकसित प्रदेश बनने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश के विकास में बाधा बना नक्सलवाद 31 मार्च 2026 तक जड़ से समाप्त कर दिया जाएगा, सरकार अपने वादों को तेज़ी से पूरा कर रही है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पंथ उदित मुनि नाम साहेब का चादर तिलक अद्भुत और अलौकिक रहा। उन्होंने बताया कि कबीरपंथ के संत समाज सेवा, नशामुक्ति, वृक्षारोपण और युवा उत्थान के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहे हैं। साथ ही कहा कि मुख्यमंत्री कबीर आश्रम के विकास कार्यों को लेकर सदैव गंभीर रहते हैं।
समारोह में खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल और भाटापारा विधायक इंद्र साव ने भी संबोधन दिया।
पंथ प्रकाश मुनि नाम साहब ने कबीरपंथी समाज की ओर से मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत करते हुए समारोह की राशि बढ़ाने पर आभार जताया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष देश-विदेश से बड़ी संख्या में कबीरपंथी संत माघ मेला और संत समागम में शामिल हुए हैं।
कार्यक्रम में पंथ उदित मुनि नाम साहब, गुरुगोसाईं भानुप्रताप साहब, विधायक भावना बोहरा, ईश्वर साहु, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा सहित बड़ी संख्या में कबीरपंथी, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।



