
रायपुर, 02 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ की राजनीति में झीरम घाटी नक्सल हमले को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता रहे विकास तिवारी को पार्टी ने उनके पद से तत्काल हटा दिया है। झीरम घाटी कांड की जांच कर रहे न्यायिक आयोग को लिखे गए उनके पत्र को कांग्रेस ने पार्टी अनुशासन के खिलाफ माना है।
विकास तिवारी ने आयोग को पत्र लिखकर झीरम घाटी हत्याकांड में कांग्रेस और भाजपा दोनों के नेताओं का नार्को टेस्ट कराने की मांग की थी। इस पत्र के सार्वजनिक होने के बाद पार्टी नेतृत्व भड़क गया।
⚡ पार्टी लाइन से अलग बयान बना कार्रवाई की वजह
कांग्रेस का कहना है कि झीरम घाटी कांड पूरी तरह भाजपा सरकार की विफलता थी और पार्टी लगातार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। ऐसे में अपने ही नेताओं और पार्टी की लाइन के खिलाफ सार्वजनिक बयान देना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर विकास तिवारी को 3 दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का नोटिस भी जारी किया गया है।
🧨 वरिष्ठ नेताओं का नाम उछालने पर नाराजगी
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, विकास तिवारी ने मीडिया के जरिए वरिष्ठ नेताओं के नाम जोड़कर जिस तरह मामले को उछाला, उससे संगठन की छवि को नुकसान पहुंचा। यही वजह रही कि उन्हें वरिष्ठ प्रवक्ता पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया।
🏛️ कांग्रेस का साफ संदेश
कांग्रेस ने साफ किया है कि झीरम घाटी नरसंहार के दोषियों को सजा दिलाने की लड़ाई पार्टी मजबूती से लड़ रही है, लेकिन इस मुद्दे पर कोई भी नेता पार्टी की तय लाइन से बाहर जाकर बयानबाजी नहीं कर सकता।



