जनदर्शन: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुनी आमजन की समस्याएँ, मौके पर दिए त्वरित समाधान

रायपुर, 13 नवंबर 2025– मुख्यमंत्री निवास में गुरुवार को आयोजित जनदर्शन एक बार फिर जनता की उम्मीदों का केंद्र बना रहा। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोगों ने अपनी समस्याएँ लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने हर एक आवेदक की बात धैर्यपूर्वक सुनी और अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
पहली ही मुलाकात में रायपुर की 11 वर्षीय पूनम सभी का ध्यान खींच ले गई। सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित पूनम को मुख्यमंत्री ने विशेष विद्यालय में प्रवेश और छात्रवृत्ति देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री की इस संवेदनशील पहल से पूनम के परिवार की आँखों में खुशी के आँसू झलक उठे।
भिलाई के कलाकार अंकुश देवांगन अपनी अनोखी संगमरमर कला लेकर पहुंचे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दुनिया की सबसे छोटी संगमरमर प्रतिमा मुख्यमंत्री को भेंट की। इस सूक्ष्म कलाकृति को देखने के लिए माइक्रोस्कोपिक लेंस लगाया गया था। मुख्यमंत्री ने उनकी कला की सराहना करते हुए कहा, “छत्तीसगढ़ के कलाकारों में अद्भुत प्रतिभा और समर्पण है।”
रायपुर के दिव्यांग युवक मनीष खुंटे अपनी बैटरी चालित स्कूटी से मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। कुछ दिन पहले ही उन्हें इसी जनदर्शन में स्कूटी स्वीकृत की गई थी। मनीष ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह सहयोग उनके जीवन में नई ऊर्जा लेकर आया है। मुख्यमंत्री के साथ उनकी मुस्कुराती सेल्फी ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया।
खेल जगत से जुड़े युवाओं ने भी मुख्यमंत्री से सहायता की मांग रखी। वूमेन्स सेल्फ डिफेंस ऑर्गनाइजेशन की खिलाड़ियों ने स्वेच्छानुदान का आग्रह किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
इसी क्रम में अभनपुर के दिव्यांग रग्बी खिलाड़ी पिंटू साहू ने व्हीलचेयर और खेल सामग्री खरीदने के लिए सहायता मांगी। मुख्यमंत्री ने मौके पर ही 90 हजार रुपए की आर्थिक मदद स्वीकृत की। पिंटू ने कहा, “यह सहयोग मेरे खेल करियर के लिए नई शुरुआत है।”
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएँ, किसान, विद्यार्थी और बुजुर्ग पहुंचे। आवास, स्वास्थ्य, छात्रवृत्ति, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार से जुड़े आवेदन प्रस्तुत किए गए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी आवेदक निराश होकर न लौटे और प्रत्येक मामले का समाधान प्राथमिकता से किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा, “जनदर्शन प्रदेश सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही का प्रतीक है। हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक लोगों की समस्याएँ सुनकर मौके पर ही उनका समाधान किया जाए।”
कार्यक्रम के समापन तक कई लोग अपनी समस्याओं के त्वरित समाधान से संतुष्ट दिखे। लोगों ने कहा कि जनदर्शन से उन्हें सरकार पर सीधा भरोसा और जुड़ाव का अनुभव होता है—जहाँ उनकी बात सुनी भी जाती है और उसी समय समाधान की दिशा में ठोस कदम भी उठाए जाते हैं।
👉 जनदर्शन ने फिर साबित किया कि जब शासन संवेदनशील हो, तो जनता की उम्मीदें हकीकत में बदल जाती हैं।



