कांग्रेस में अंदरूनी कलह तेज: वार्ड अध्यक्षों की सूची रद्द, अरुण साव बोले- आपस में लड़कर खत्म हो रही पार्टी

रायपुर। अरुण साव ने कांग्रेस वार्ड अध्यक्षों की सूची निरस्त होने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भीतरखाने की लड़ाई में उलझी हुई है और “कांग्रेस-कांग्रेस खेलते-खेलते खुद ही खत्म हो रही है।” उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि जनता भी अब कांग्रेस से दूरी चाहती है।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस के बयान को लेकर साव ने कहा कि यह पार्टी का “घिसा-पिटा एजेंडा” है। उन्होंने आरोप लगाया कि 75 साल तक महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखा गया, जबकि अब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को उनका हक मिल रहा है।
वहीं पश्चिम बंगाल चुनाव पर बयान देते हुए साव ने कहा कि वहां की जनता कानून-व्यवस्था से परेशान है और बदलाव चाहती है। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव में बीजेपी बेहतर प्रदर्शन करेगी और राज्य में परिवर्तन तय है।
इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के अंदरूनी विवाद अब खुलकर सामने आ रहे हैं, जिस पर सत्तापक्ष लगातार हमलावर बना हुआ है।



