समंदर में भारत की ताकत बढ़ी: INS तारागिरी नौसेना में शामिल, ब्रह्मोस और आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम से लैस

विशाखापत्तनम में आज भारतीय नौसेना को बड़ी मजबूती मिली, जब आधुनिक स्टेल्थ युद्धपोत INS तारागिरी को औपचारिक रूप से शामिल किया गया। इस मौके पर रक्षा मंत्री Rajnath Singh भी मौजूद रहे।
यह युद्धपोत मझगांव डॉक शिपबिल्डिंग लिमिटेड द्वारा प्रोजेक्ट 17-A के तहत तैयार किया गया है और यह नीलगिरी क्लास का चौथा स्टेल्थ फ्रिगेट है। इसे खास तौर पर भविष्य की समुद्री चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है।
🚀 अत्याधुनिक हथियारों से लैस
INS तारागिरी में कई हाईटेक सिस्टम लगाए गए हैं, जिनमें शामिल हैं—
- BrahMos सुपरसोनिक मिसाइल
- एडवांस MF-STAR रडार सिस्टम
- मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम
- 76 मिमी मुख्य गन और क्लोज-इन वेपन सिस्टम
- पनडुब्बी रोधी रॉकेट और टॉरपीडो
⚙️ पहले से ज्यादा एडवांस
नई ‘तारागिरी’ पुराने युद्धपोत का अपग्रेडेड वर्जन है, जिसने 1980 से 2013 तक करीब 33 साल सेवा दी थी। नया जहाज बेहतर स्टेल्थ तकनीक, ऑटोमेशन और मारक क्षमता से लैस है।
🇮🇳 आत्मनिर्भर भारत को मजबूती
- प्रोजेक्ट 17-A के तहत कुल 7 स्टेल्थ फ्रिगेट बनाए जा रहे हैं
- इस परियोजना में करीब 75% स्वदेशी हिस्सेदारी है
- 200 से अधिक MSME इस प्रोजेक्ट से जुड़े हैं
⏱️ निर्माण समय में कमी
पहले जहाज ‘नीलगिरि’ को बनने में 93 महीने लगे थे, जबकि INS तारागिरी का निर्माण सिर्फ 81 महीने में पूरा किया गया—जो भारत की बढ़ती रक्षा निर्माण क्षमता को दर्शाता है।
👉 INS तारागिरी के शामिल होने से भारतीय नौसेना की ताकत और समुद्री सुरक्षा दोनों को बड़ा बूस्ट मिला है।



