छत्तीसगढ़ में रचा गया इतिहास: 6,412 जोड़े एक साथ विवाह बंधन में बंधे, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम

रायपुर, 11 फ़रवरी 2026/ राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के तहत सोमवार को इतिहास रचा गया। प्रदेशभर से आए 6,412 जोड़ों ने एक साथ वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। यह आयोजन इतना भव्य और अभूतपूर्व रहा कि इसे ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज किया गया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक अनुज शर्मा, पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, सुनील सोनी, संपत अग्रवाल, बीज निगम अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने किया ‘कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़’ अभियान का शुभारंभ
विवाह समारोह के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश को स्वस्थ और सशक्त बनाने की दिशा में ‘कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़’ अभियान की विधिवत शुरुआत की। उन्होंने कहा कि जब बेटियां स्वस्थ और सशक्त होंगी, तभी एक मजबूत समाज और समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव है।
मुख्यमंत्री ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद, समृद्ध और सामंजस्यपूर्ण वैवाहिक जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बेटियों के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है।
विधायक अनुज शर्मा ने जताया भावुकता भरा गर्व
विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि यह दिन उनके लिए केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक पारिवारिक उत्सव जैसा है। उन्होंने कहा कि 6,412 बेटियों का एक साथ परिणय सूत्र में बंधना केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के सपनों के साकार होने की कहानी है।
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना इस बात का प्रमाण है कि हमारी सरकार बेटियों को बोझ नहीं, बल्कि प्रदेश की शान मानती है। आज सरकार और प्रशासन इन बेटियों के मायके की भूमिका निभा रहे हैं, जिससे परिवारों की आर्थिक चिंता कम हुई है।”
गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को मिला सहारा
इस योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिली है। जिन परिवारों के लिए बेटियों की शादी एक बड़ी चिंता होती है, उनके लिए यह योजना संबल बनकर सामने आई है। सामूहिक विवाह के माध्यम से सामाजिक समरसता और एकजुटता का भी संदेश दिया गया।
ऐतिहासिक आयोजन बना प्रेरणा
साइंस कॉलेज मैदान में सजे भव्य मंडप, वैदिक मंत्रोच्चार और मंगल गीतों के बीच हजारों जोड़ों ने एक साथ सात फेरे लिए। यह दृश्य न केवल भावनात्मक था, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी ऐतिहासिक साबित हुआ।
इस ऐतिहासिक आयोजन के साथ ही छत्तीसगढ़ ने सामाजिक कल्याण की दिशा में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। प्रदेश सरकार ने यह संदेश दिया है कि बेटियां समाज की नींव हैं और उनके सम्मान व सशक्तिकरण से ही राज्य का भविष्य उज्ज्वल होगा।



