
रायपुर, 6 जनवरी 2026।राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में प्रेस वार्ता कर राजस्व विभाग की दो वर्षों की उपलब्धियों का विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि साय सरकार के नेतृत्व में राजस्व विभाग को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और जनहितैषी बनाया जा रहा है।
जमीन का डिजिटल आधार बनेगा – हर भूखंड को मिलेगा यूनिक नंबर
राज्य में एग्रीस्टेक योजना के तहत जियो-रेफरेंसिंग, फार्मर रजिस्ट्रेशन और डिजिटल क्रॉप सर्वे शुरू किया गया है।
पटवारी नक्शों की जियो-रेफरेंसिंग के लिए 25 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। अब हर भूखंड को ULPIN नंबर दिया जाएगा और नागरिकों को भू-आधार कार्ड मिलेगा।
शहरों और गांवों में नया सर्वे – भूमि विवाद होंगे खत्म
धमतरी, जगदलपुर और अंबिकापुर में नक्शा प्रोग्राम के तहत शहरी भूमि सर्वे शुरू हो चुका है।
ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक से सर्वे-रिसर्वे किया जा रहा है।
शहरी क्षेत्रों में 1500 स्केल पर नया नक्शा बनेगा, जिससे छोटे प्लॉट भी रिकॉर्ड में दर्ज हो सकेंगे।
नामांतरण से लेकर भूमि व्यपवर्तन तक सब ऑनलाइन
अब स्व-नामांतरण की सुविधा लागू कर दी गई है।
भूमि व्यपवर्तन प्रक्रिया को सरल और ऑनलाइन बनाने के लिए 2 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
परियोजना के लिए भूमि चिन्हित होते ही उसकी खरीद-बिक्री, बंटवारा और विनिमय पर रोक लगेगी, जिससे सरकारी नुकसान रुकेगा।
अवैध कॉलोनियों पर कड़ा प्रहार
अब 5 डिसमिल से कम जमीन की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा।
छत्तीसगढ़ जन आवास योजना के तहत 2 से 10 एकड़ तक प्लॉटिंग की अनुमति दी गई है।
कॉलोनी और अपार्टमेंट की सड़क, गार्डन और सामुदायिक भवन संयुक्त नाम पर दर्ज होंगे।
80 हजार से ज्यादा लोगों को मिला स्वामित्व अधिकार
राज्य में स्वामित्व योजना के तहत अब तक करीब 80 हजार हितग्राहियों को प्रॉपर्टी कार्ड दिया गया है।
शहरी क्षेत्रों में भूमिहीनों को स्थायी और अस्थायी पट्टा देने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
किसानों और मजदूरों को सीधा लाभ
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत पंजीकृत मजदूरों को 10 हजार रुपए सालाना मिल रहे हैं।
कृषि कल्याण के लिए 562 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
तहसील और उप-तहसील विस्तार
- चकरभाठा (मुंगेली) और सकर्रा (तखतपुर) में नई उप-तहसील
- नवा रायपुर में नई तहसील को मंजूरी
- नए कार्यालय भवनों के लिए 10 करोड़ रुपए स्वीकृत
आपदा प्रबंधन में रिकॉर्ड बजट
2024-25 में
- राज्य आपदा मोचन निधि: 533.60 करोड़
- राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि: 50 करोड़
- राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि: 133.40 करोड़
स्टाफ की भारी कमी, सरकार कर रही समाधान
राजस्व विभाग में
- 393 राजस्व निरीक्षक
- 911 पटवारी
- 2881 लिपिक व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद रिक्त हैं
सरकार अब प्रशिक्षण, आवासीय छात्रावास और नई भर्तियों की दिशा में काम कर रही है।
मंत्री टंकराम वर्मा का बयान
“राजस्व विभाग को हमने भ्रष्टाचार मुक्त, तकनीक आधारित और जनता के अनुकूल बनाया है। आने वाले समय में जमीन से जुड़ा हर काम पारदर्शी और डिजिटल होगा।”



