छत्तीसगढ़

हाईकोर्ट ने अपोलो हॉस्पिटल के चार डॉक्टरों को दी बड़ी राहत, सात साल पुराने मामले में एफआईआर और चार्जशीट निरस्त

बिलासपुर, 8 अक्टूबर 2025: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अपोलो हॉस्पिटल के चार डॉक्टरों को सात साल पुराने मामले में बड़ी राहत दी है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने डॉक्टरों की याचिका मंजूर करते हुए उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर और निचली अदालत में पेश की गई चार्जशीट को निरस्त कर दिया।

मामला वर्ष 2016 का है, जब अपोलो हॉस्पिटल में एक मरीज की मृत्यु के बाद डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया गया था। 25 दिसंबर 2016 को दयालबंद निवासी युवक को गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अगले दिन मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर के कारण मरीज का निधन हो गया।

परिजनों ने सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें डॉक्टरों डॉ. सुनील कुमार केडिया, डॉ. देवेंद्र सिंह, डॉ. राजीव लोचन भांजा और मनोज कुमार राय के खिलाफ धारा 304/304A और 201 के तहत मामला दर्ज किया गया।

डॉक्टरों ने वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील ओटवानी के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि मरीज गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था और उसकी मौत मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर के कारण हुई। पोस्टमॉर्टम और रासायनिक परीक्षण में किसी संदिग्ध रसायन का पता नहीं चला।

मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में भी यह स्पष्ट किया गया कि डॉक्टरों की कोई लापरवाही नहीं हुई। बोर्ड ने कहा कि मृत्यु का कारण गंभीर स्वास्थ्य स्थिति थी, न कि चिकित्सकीय चूक।

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इस मामले में एफआईआर और चार्जशीट न्यायसंगत नहीं हैं और डॉक्टरों के खिलाफ कोई आपराधिक आरोप नहीं ठहरता।


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Manish Tiwari

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