हस्तशिल्प पुरस्कार 2025: भारतीय कला को सम्मान, जगदलपुर की हिराबाई झरेका बघेल पर रहेगा विशेष फोकस, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी सम्मानित

नई दिल्ली, 6 दिसंबर 2025। विज्ञान भवन में मंगलवार को आयोजित होने वाले हस्तशिल्प पुरस्कार 2025 समारोह में देशभर के चुनिंदा शिल्पियों को वर्ष 2023 और 2024 के लिए सम्मानित किया जाएगा। इस भव्य आयोजन के केंद्र में छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता हिराबाई झरेका बघेल रहेंगी, जिन्हें जगदलपुर की पारंपरिक धातुकला (बेल मेटल) में उत्कृष्ट कौशल के लिए विशेष रूप से रेखांकित किया जा रहा है।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू होंगी। समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह करेंगे, जबकि कपड़ा एवं विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मरगेरीटा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
1965 में शुरू हुए राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार देश के उन शिल्पियों को सम्मानित करते हैं, जिन्होंने भारतीय कला और सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाई दी है। वहीं 2002 में आरंभ किया गया ‘शिल्प गुरु’ पुरस्कार इस क्षेत्र का सर्वोच्च सम्मान है, जो परंपरागत कला में असाधारण ज्ञान, नवाचार और संरक्षण के लिए प्रदान किया जाता है।
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय हस्तशिल्प सप्ताह (8 से 14 दिसंबर) का प्रमुख आकर्षण है। सप्ताहभर देशभर में हस्तकला प्रदर्शनियां, कार्यशालाएं, पैनल चर्चा, शिल्प प्रदर्शन, क्षमता-वृद्धि कार्यक्रम और सांस्कृतिक आयोजन किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य हस्तशिल्प की सामाजिक-आर्थिक महत्ता को मजबूत करना है।
भारत का हस्तशिल्प क्षेत्र न केवल देश की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है, बल्कि ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार भी। कपड़ा मंत्रालय शिल्पियों को कौशल विकास, तकनीकी सहयोग, वित्तीय सहायता और बाजार उपलब्धता के माध्यम से निरंतर समर्थन दे रहा है।
सरकार का लक्ष्य ऐसे आयोजनों के जरिए भारतीय शिल्प विरासत को सशक्त करना और शिल्प समुदायों को नए अवसर प्रदान करना है।



