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आरंग में संस्कृति और इतिहास का महाकुंभ!
राजा मोरध्वज महोत्सव–2026 का भव्य शुभारंभ,
टंकराम वर्मा ने किया दान और सत्यनिष्ठा का संदेश

रायपुर, 15 जनवरी 2026। राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव–2026 के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य शुभारंभ आज उच्च शिक्षा एवं राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री एवं आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब ने की।

महोत्सव का शुभारंभ बाबा बागेश्वर नाथ एवं गायत्री माता की भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ। इसके पश्चात मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बाबा बागेश्वर नाथ की विधिवत पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

मुख्य अतिथि मंत्री वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि आरंग नगर हमारी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर है। इसका विशिष्ट सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक महत्व है, जिसके कारण इसे मंदिरों का नगर भी कहा जाता है। राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव के माध्यम से हम इस गौरवशाली संस्कृति, इतिहास और विरासत को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा आरंग के पर्यटन, विकास तथा धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मंत्री वर्मा ने राजा मोरध्वज की दानशीलता और सत्यनिष्ठा को जीवन में अपनाने का आह्वान करते हुए महोत्सव की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा “बाबा बागेश्वर नाथ की जय, बाबा गुरु घासीदास की जय, राजा मोरध्वज की जय।” उन्होंने कहा कि आरंग विधानसभा क्षेत्र हर दृष्टि से समृद्ध एवं प्रसिद्ध है। यहां की जनता देश प्रथम, राष्ट्र प्रथम की भावना से प्रेरित होकर धर्म और संस्कृति की ध्वजा को सदैव ऊँचा रखने के लिए तत्पर रहती है। राजा मोरध्वज की पावन नगरी आरंग में सभी का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि इस महोत्सव के माध्यम से लोगों को राजा मोरध्वज एवं आरंग के गौरवशाली इतिहास को जानने और समझने का अवसर मिला है।

महोत्सव के प्रथम दिवस प्रसिद्ध रेत कलाकार हेमचंद साहू द्वारा सैंड आर्ट के माध्यम से बाबा बागेश्वर नाथ की आकर्षक कलाकृति का निर्माण किया गया। साथ ही इतिहासकारों एवं शिक्षाविदों के व्याख्यान आयोजित किए गए, जिसमें आनंद राम साहू ने आरंग की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर शोधपरक विचार प्रस्तुत किए। प्रोफेसर आर. आर. विश्वकर्मा (वरिष्ठ पुरातत्वविद), जी. एल. रायकवार (वरिष्ठ पुराविद, संचालनालय पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग) तथा मुरली मनोहर देवांगन (शिक्षाविद, रायपुर) ने आरंग के इतिहास पर विस्तार से व्याख्यान दिया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अंतर्गत टोमन साहू की टीम द्वारा सुवा नृत्य, सुभाष बंजारे की टीम द्वारा पंथी नृत्य, स्वरांजलि डांस ग्रुप, आरंग की प्रस्तुति तथा राजा मोरध्वज की भव्य झांकी (भोथली) का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध लोक गायक सुनील सोनी ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।

इस अवसर पर चर्मकार शिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं आमजन उपस्थित रहे।


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Manish Tiwari

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