विधानसभा के अष्टम सत्र में राज्यपाल रमेन डेका का संबोधन: 25 लाख किसानों से धान खरीदी, 69 लाख महिलाओं को सीधी सहायता; 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प

रायपुर, 23 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ की 6वीं विधानसभा के अष्टम सत्र की शुरुआत आज राज्यपाल रमेन डेका के अभिभाषण से हुई। विधानसभा पहुंचने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह तथा नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने उनका स्वागत किया।
राज्यपाल ने अपने विस्तृत अभिभाषण में वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने का संकल्प दोहराते हुए किसान, महिला, युवा, जनजातीय समाज, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना से जुड़ी उपलब्धियों और योजनाओं का उल्लेख किया।
रजत जयंती वर्ष और विकसित राज्य का संकल्प
राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती और विधानसभा के नवीन भवन के लोकार्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रदेश के लोकतांत्रिक इतिहास का गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए कहा कि उनके सपनों का छत्तीसगढ़ अब विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।
किसानों के लिए बड़े निर्णय
राज्यपाल ने बताया कि इस वर्ष 25 लाख से अधिक किसानों से 141 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई और 33 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया। ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत होली से पहले 10 हजार 292 करोड़ रुपये किसानों को देने का निर्णय लिया गया है।
दलहन बीज उत्पादन प्रोत्साहन योजना में अनुदान 1,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है, जबकि तिलहन के लिए अनुदान भी बढ़ाया गया है। जैविक खेती का रकबा 38 हजार हेक्टेयर तक पहुंच चुका है।
डेयरी क्षेत्र में 488 नई समितियों का गठन हुआ है और दूध का क्रय मूल्य बढ़ाकर 36 रुपये 50 पैसे प्रति लीटर किया गया है। मत्स्य उत्पादन में प्रदेश देश में छठवें स्थान पर है और वर्ष 2047 तक तीसरे स्थान पर पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।
महिला सशक्तिकरण पर जोर
‘महतारी वंदन योजना’ के तहत लगभग 69 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये दिए जा रहे हैं। अब तक 24 किश्तों में 15 हजार 596 करोड़ रुपये से अधिक राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है।
‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के अंतर्गत फरवरी 2026 में 6,412 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ, जो गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में 137 महतारी सदन पूर्ण हो चुके हैं और 212 निर्माणाधीन हैं।
नक्सल मोर्चे पर उपलब्धि
राज्यपाल ने बताया कि पिछले दो वर्षों में 532 माओवादी मारे गए, 2,704 ने आत्मसमर्पण किया और 2,004 गिरफ्तार किए गए। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 728 मोबाइल टॉवर चालू किए गए हैं।
‘नियद नेल्ला नार योजना’ के माध्यम से मुक्त क्षेत्रों में 17 विभागों की 25 योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया गया है।
जनजातीय विकास और संस्कृति संरक्षण
प्रदेश में अब तक 4 लाख 83 हजार से अधिक व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र वितरित किए गए हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण दर 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दी गई है।
नवा रायपुर में शहीद वीरनारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डिजिटल संग्रहालय स्थापित किया गया है। बस्तर पंडुम का लगातार दूसरे वर्ष सफल आयोजन हुआ।
देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिली है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और युवा
नवा रायपुर को एजुकेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं में युवाओं को आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट दी गई है तथा 32 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।
5 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे 250 एमबीबीएस सीटों की वृद्धि हुई है। आयुष्मान योजना के तहत 81 लाख परिवारों को कार्ड जारी किए गए हैं।
सिकल सेल उन्मूलन में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी राज्य बताया गया है।
उद्योग और अधोसंरचना
नई औद्योगिक नीति के तहत 7 लाख 83 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सेमीकंडक्टर, आईटी, फार्मा और एआई क्षेत्र में निवेश आ रहे हैं।
प्रदेश में 51 हजार करोड़ रुपये के रेलवे प्रोजेक्ट चल रहे हैं। 4,878 किलोमीटर सड़कों और 188 पुलों को स्वीकृति दी गई है। दो नए एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जा रहा है।
‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना’ से 330 गांवों को पहली बार बस सुविधा मिली है।
ऊर्जा, पर्यावरण और पर्यटन
‘प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत 27 हजार से अधिक घरों में सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। बीपीएल परिवारों को 30 यूनिट तक निःशुल्क बिजली दी जा रही है।
वन एवं वृक्ष आवरण क्षेत्र में 683 वर्ग किमी की वृद्धि दर्ज की गई है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं।
बस्तर के धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र पर्यटन संगठन द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव चुना गया है और कोपरा जलाशय को रामसर साइट घोषित किया गया है।
अंत में राज्यपाल ने कहा कि ‘अंजोर विजन डॉक्यूमेंट’ वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का खाका है और जनभागीदारी से इसे सफल बनाया जाएगा।
जय हिंद, जय छत्तीसगढ़।



