सोना-चांदी पीछे छूटे, तांबे ने मारी बाज़ी! एक साल में निवेशकों को मिला 50% रिटर्न, रिकॉर्ड हाई पर पहुंची कीमत

नई दिल्ली, 26 दिसंबर 2025/ सोना और चांदी की चमक के बीच निवेशक जिस धातु को नज़रअंदाज़ करते रहे, वही अब सबसे बड़ा गेमचेंजर बन गई है। हम बात कर रहे हैं तांबे (Copper) की, जिसने बीते एक साल में निवेशकों की किस्मत चमका दी है। शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड से भी ज्यादा रिटर्न देने वाले तांबे ने 2025 में घरेलू बाजार में करीब 50 फीसदी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 40 फीसदी की जबरदस्त छलांग लगाई है।
अगर किसी निवेशक ने एक साल पहले तांबे में 1 लाख रुपये लगाए होते, तो आज उसकी वैल्यू करीब 1.5 लाख रुपये हो चुकी होती।
रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा तांबा
2025 में तांबे की कीमतें ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई हैं।
- लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर तांबा बढ़कर 12,282 डॉलर प्रति टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
- वहीं भारत के MCX पर इसकी कीमत करीब ₹1,200 प्रति किलो तक पहुंच गई।
2009 के बाद यह तांबे का अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन माना जा रहा है।
आखिर क्यों भाग रहा है तांबा?
तांबे में आई इस जबरदस्त तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं—
- कई देशों में माइन और फैक्ट्रियों का बंद होना, जिससे सप्लाई प्रभावित हुई
- टैरिफ और ट्रेड वॉर के डर से स्टॉक जमा करना
- ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और AI डेटा सेंटर्स की बढ़ती मांग
- पावर ग्रिड और इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश
गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक, तांबे की कीमतें अक्सर मजबूत औद्योगिक मांग और तेज़ आर्थिक गतिविधियों का संकेत देती हैं।
आगे और बढ़ेगा तांबा?
जेपी मॉर्गन ग्लोबल रिसर्च का अनुमान है कि
2026 की दूसरी तिमाही तक तांबा 12,500 डॉलर प्रति टन तक पहुंच सकता है और पूरे साल का औसत 12,075 डॉलर प्रति टन रहने की उम्मीद है।
हालांकि एक्सपर्ट्स यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि हालिया तेजी बहुत तेज रही है, इसलिए आने वाले समय में बाजार में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है।
एलुमिनियम और जिंक भी चढ़े
सिर्फ तांबा ही नहीं, दूसरे मेटल्स में भी तेजी रही—
- एल्युमिनियम 16%
- टिन 47%
- जिंक 4%
इनमें बढ़त का बड़ा कारण प्रोडक्शन में रुकावट और ग्लोबल डिमांड का बढ़ना है।
निष्कर्ष
सोना-चांदी की चमक के बीच तांबा निवेश का नया सितारा बनकर उभरा है। कम कीमत, ज्यादा मांग और मजबूत भविष्य की वजह से निवेशकों की नजर अब तेजी से इस मेटल पर टिक गई है। आने वाले समय में तांबा वाकई ‘रेड गोल्ड’ साबित हो सकता है।



