धान छोड़ स्ट्रॉबेरी अपनाई, 2 लाख की लागत में 9 लाख की कमाई; उद्यानिकी खेती से बदली किसान की तकदीर, धान के मुकाबले दोगुना मुनाफा

रायपुर, 21 जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ में शासन की उद्यानिकी प्रोत्साहन योजनाएं किसानों की आर्थिक तस्वीर बदलने लगी हैं। अब किसान केवल धान जैसी परंपरागत फसलों तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि अधिक मुनाफा देने वाली उद्यानिकी फसलों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं।
सरगुजा जिले के भगवानपुरखुर्द निवासी किसान लाल बहादुर सिंह ने धान की खेती छोड़कर स्ट्रॉबेरी की खेती अपनाई और आज वे कम लागत में अधिक आमदनी का सफल मॉडल बन चुके हैं।
ढाई एकड़ में स्ट्रॉबेरी, 7 लाख तक शुद्ध मुनाफा
किसान लाल बहादुर सिंह के अनुसार ढाई एकड़ में स्ट्रॉबेरी की खेती पर लगभग 2 लाख रुपये की लागत आई, जबकि करीब 9 लाख रुपये की आमदनी का अनुमान है।
सभी खर्च निकालने के बाद लगभग 7 लाख रुपये का शुद्ध लाभ मिल रहा है, जो धान की तुलना में दोगुने से भी अधिक मुनाफे को दर्शाता है।
धान से मिला 2 लाख, स्ट्रॉबेरी से 7 लाख का फायदा
उन्होंने बताया कि यदि वही ढाई एकड़ भूमि धान की खेती में लगाई जाती, तो लगभग 90 क्विंटल उत्पादन होता। शासकीय उपार्जन केंद्र में बिक्री पर करीब 3 लाख रुपये की आमदनी मिलती, जिसमें लगभग 1 लाख रुपये की लागत निकलने के बाद शुद्ध लाभ सिर्फ 2 लाख रुपये ही रह जाता।
50 डिसमिल से की शुरुआत, आज ढाई एकड़ तक विस्तार
लाल बहादुर सिंह ने स्ट्रॉबेरी की खेती की शुरुआत सिर्फ 50 डिसमिल क्षेत्र से की थी। पहले ही साल लाभ मिलने पर अगले वर्ष एक एकड़ और फिर तीसरे-चौथे वर्ष में ढाई एकड़ तक खेती का विस्तार कर लिया। आज वे लगातार सफल उत्पादन कर रहे हैं।
सरकारी सब्सिडी और तकनीकी मार्गदर्शन बना संबल
किसान ने बताया कि उद्यानिकी विभाग की योजना के तहत पौध, खाद और बीज की राशि डीबीटी के माध्यम से लौटाई जाती है।
उन्हें 80 से 85 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिलने की संभावना है। साथ ही विभागीय अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन दिया जाता है, जिससे उत्पादन की गुणवत्ता और बाजार मूल्य दोनों बेहतर होते हैं।
अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बने लाल बहादुर सिंह
लाल बहादुर सिंह का कहना है कि धान के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाकर किसान अपनी आमदनी कई गुना बढ़ा सकते हैं। आज वे स्वयं आत्मनिर्भर बने हैं और आसपास के किसानों को भी नवाचार और आधुनिक खेती के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
उन्होंने उद्यानिकी खेती को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं से प्रदेश का किसान सशक्त, आत्मनिर्भर और उन्नत बन रहा है।



