रूपेश दादा की अपील का असर: उदंती एरिया कमेटी के 7 नक्सलियों ने सरेंडर किया, 37 लाख का इनामी गिरा पुलिस के सामने

गरियाबंद/धमतरी/नुआपाड़ा। छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता मिली है। गरियाबंद-धमतरी-नुआपाड़ा डिवीजन के उदंती एरिया कमेटी के 7 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। इन सभी पर कुल 37 लाख रुपए का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण करने वालों में उदंती एरिया कमांडर सुनील और सचिव एरिना शामिल हैं, जिन पर 8-8 लाख रुपए का इनाम था। इनके साथ कमेटी सदस्य लुद्रो, विद्या, नंदिनी और मलेश ने भी हथियार डाले हैं, जिन पर 5-5 लाख रुपए का इनाम था। इसके अलावा 1 लाख रुपए की इनामी नक्सली कांती ने भी सरेंडर किया है।
सभी नक्सली अपने साथ एक SLR, 3 इंसास राइफल और एक सिंगल शॉट बंदूक लेकर आए थे और उन्होंने गरियाबंद पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया।
मीडिया के माध्यम से किया आत्मसमर्पण
जानकारी के अनुसार, नक्सलियों ने सरेंडर के लिए मीडिया को माध्यम बनाया। मीडिया टीम के मौके पर पहुंचने के बाद लगभग आधे घंटे तक उनसे बातचीत हुई। इस दौरान आत्मसमर्पण की इच्छा जताने वाले नक्सली लुद्रो की बात एसपी निखिल राखेचा से कराई गई, जिन्होंने उन्हें सुरक्षित आत्मसमर्पण का भरोसा दिलाया।
शुरुआत में सुनील और एरिना पहले पुलिस तक पहुंचे थे, जबकि लुद्रो, विद्या समेत 5 अन्य नक्सली सीधे संपर्क में नहीं थे। पुलिस की अपील के बाद उन्होंने एसपी राखेचा के नंबर पर संपर्क किया, लेकिन उन्होंने मीडिया की मध्यस्थता में ही आत्मसमर्पण करने का निर्णय लिया।
‘हम DRG में नहीं जाना चाहते, घर लौटना चाहते हैं’
कमेटी सदस्य विद्या ने कहा, “रूपेश दादा की अपील के बाद हमने संगठन छोड़ने का फैसला किया है। हम DRG (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) में नहीं जाना चाहते, हम हथियार छोड़कर अपने घर लौटना चाहते हैं।”
17 अक्टूबर को रूपेश ने किया था सरेंडर
17 अक्टूबर को जगदलपुर में 210 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था, जिनके साथ 153 हथियार भी पुलिस को सौंपे गए थे। इनमें 1 करोड़ का इनामी सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) सतीश उर्फ टी. वासुदेव राव उर्फ रूपेश भी शामिल था।
नक्सल संगठन ने इसके बाद पर्चा जारी कर रूपेश और सरेंडर करने वाले नक्सलियों को “गद्दार” बताया, जिस पर रूपेश ने वीडियो जारी कर कहा था—
“महासचिव बसवा राजू भी संघर्ष विराम चाहते थे, लेकिन उनका एनकाउंटर हो गया। अब हमें अपने भविष्य के बारे में सोचना होगा।”
भूपति ने भी छोड़ा हथियार
महाराष्ट्र में डेढ़ करोड़ के इनामी नक्सली मोजुल्ला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति ने भी हाल ही में सरेंडर किया था। भूपति ने कहा था—
“हिंसा के रास्ते ने हमें जनता से दूर कर दिया। अब हम जनता के बीच रहकर, उनके लिए काम करना चाहते हैं।”
पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी
गरियाबंद पुलिस ने इसे नक्सल मोर्चे पर बड़ी उपलब्धि बताया है। एसपी निखिल राखेचा ने कहा कि रूपेश के सरेंडर के बाद लगातार कई नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं, जो संगठन के भीतर बढ़ती असंतोष और दिशा भ्रम की स्थिति को दिखाता है।



