
रायपुर, 07 मार्च 2026/ कोरिया जिले के बैकुंठपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत बुड़ार की चार महिलाएँ—अंजनि, हीरा मनी, लीलावती और मित्तल—स्वच्छता की मिसाल बनकर उभरी हैं। अपने समर्पण, मेहनत और एकजुटता के दम पर उन्होंने न केवल गाँव में स्वच्छता की अलख जगाई है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा भी बनी हैं। इनका कार्य स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पिछले लगभग तीन वर्षों से ये महिलाएँ स्वच्छता दीदी के रूप में लगातार कार्य कर रही हैं और गाँव को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ये महिलाएँ सप्ताह में दो दिन बुधवार और शनिवार को घर-घर जाकर कचरा संग्रहण करती हैं और ग्रामीणों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक भी करती हैं। वे लोगों को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखने के लिए प्रेरित करती हैं, जिससे कचरे का बेहतर प्रबंधन संभव हो सका है।
कार्य के शुरुआती दिनों में इन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। गाँव के कई लोग कचरा अलग-अलग देने के लिए तैयार नहीं थे और स्वच्छता को लेकर जागरूकता भी कम थी। लेकिन इन महिलाओं ने धैर्य और निरंतर प्रयास से घर-घर जाकर लोगों को समझाया। धीरे-धीरे ग्रामीणों की सोच में बदलाव आया और अब लगभग हर घर से नियमित रूप से कचरा दिया जाने लगा है। इससे गाँव में स्वच्छता का माहौल बना है।
प्रशासन के सहयोग से इन महिलाओं को कबाड़ी का काम करने वाले व्यवसायी से भी जोड़ा गया है, जिससे वे सूखे कचरे जैसे प्लास्टिक, कागज और अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को बेचकर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रही हैं। इस कार्य से प्रत्येक महिला को लगभग 2 से 3 हजार रुपये प्रतिमाह की आय हो रही है। अब तक चारों महिलाएँ मिलकर लगभग 2.5 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर चुकी हैं, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और आत्मनिर्भरता की भावना भी मजबूत हुई है।
महिलाओं के उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा उन्हें एक ई-रिक्शा भी प्रदान किया गया है। इससे कचरा संग्रहण के कार्य में उन्हें काफी सुविधा मिल रही है और अब वे आसानी से घर-घर से कचरा एकत्र कर पा रही हैं। महिलाओं ने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं और सहयोग से वे सशक्त होकर समाज में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।



