छत्तीसगढ़

स्थानांतरण आदेशों की अवहेलना, प्राचार्य पर गंभीर अनियमितता का आरोप – 40 लाख रुपये का वेतन भुगतान सवालों के घेरे में

बिलासपुर, 28 सितंबर 2025।स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ में एक गंभीर प्रकरण सामने आया है, जहां बिलासपुर जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कन्या सरकंडा की प्राचार्य गायत्री तिवारी पर स्थानांतरण आदेशों की अवहेलना और वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, व्याख्याता दुष्यंत कुमार चौबे का स्थानांतरण 10 फरवरी 2023 को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बावली पथरिया कर दिया गया था। इसके बाद 7 नवंबर 2023 को डीपीआई ने भी आदेश जारी किया और 14 दिसंबर 2023 को डीईओ बिलासपुर ने प्राचार्य को व्याख्याता को कार्यमुक्त करने का निर्देश दिया। बावजूद इसके, प्राचार्य ने शासन व न्यायालय के निर्देशों का पालन नहीं किया।

ढाई साल बीत जाने के बाद भी व्याख्याता चौबे को कार्यमुक्त नहीं किया गया और इस दौरान उन्हें लगातार वेतन का भुगतान होता रहा। अनुमानित रूप से अब तक करीब 40 लाख रुपये का भुगतान हो चुका है। इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता और स्वेच्छाचारिता के तौर पर देखा जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि व्याख्याता चौबे ने स्थानांतरण को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका (WPS क्रमांक 1626/2023) दायर की थी, लेकिन अदालत ने उन्हें न तो कोई लाभ दिया और न ही स्थगन आदेश। इसके बावजूद प्राचार्य ने उन्हें कार्यमुक्त करने के बजाय निरंतर वेतन आहरण जारी रखा।

इस मामले की सुनवाई व परीक्षण हेतु गठित सचिव स्तरीय समिति ने 1 मई 2023 को स्पष्ट निर्देश दिया था कि चौबे को स्थानांतरित विद्यालय में पदस्थ होकर कार्य करना चाहिए। इसके बाद भी आदेशों का पालन नहीं किया गया।

1 सितंबर 2025 को इस पूरे मामले की शिकायत पुनः जिला कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को की गई है। प्राचार्य के खिलाफ स्थानांतरण आदेशों की अवहेलना और वित्तीय अनियमितता की जांच की मांग की गई है।

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Manish Tiwari

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