धर्मेंद्र नहीं रहे: 89 साल की उम्र में बॉलीवुड के ‘ही-मैन’ ने ली आखिरी सांस, सांस लेने में तकलीफ के चलते थे वेंटिलेटर पर

हाइलाइट्स
- बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का हुआ निधन
- 89 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
- सांस लेने में तकलीफ के चलते मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में थे भर्ती
नई दिल्ली (एंटरटेनमेंट डेस्क):
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र ने 89 वर्ष की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। पिछले कुछ दिनों से उन्हें सांस लेने में तकलीफ की समस्या थी, जिसके चलते उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। बताया जा रहा है कि अभिनेता की हालत काफी गंभीर थी और वे कल से वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे।
धर्मेंद्र के निधन की खबर से पूरा भारतीय सिनेमा जगत सदमे में है। सोशल मीडिया पर फैंस, फिल्मी हस्तियां और साथी कलाकार उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
6 दशकों से ज्यादा समय तक किया इंडस्ट्री पर राज
धर्मेंद्र ने अपने करियर की शुरुआत साल 1960 में की थी। उनकी पहली फिल्म दिल भी तेरा हम भी तेरे थी। इसके बाद उन्होंने आई मिलन की बेला, फूल और पत्थर, आए दिन बहार के जैसी फिल्मों में काम किया।
फिल्म फूल और पत्थर से उन्हें लोकप्रियता मिली और फिर उन्होंने शोले, सीता और गीता, यादों की बारात, धरम वीर, गुलामी, हुकूमत, चरस, एलान-ए-जंग जैसी सुपरहिट फिल्में दीं।
छह दशकों से अधिक लंबे करियर में धर्मेंद्र ने 300 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया और उन्हें बॉलीवुड का “ही-मैन” कहा गया।
एक्टर, प्रोड्यूसर और नेता
धर्मेंद्र का जन्म 8 दिसंबर 1935 को लुधियाना (पंजाब) के डांगो गांव में हुआ था। उनका पूरा नाम धर्मेंद्र सिंह देओल था।
उन्होंने न सिर्फ अभिनेता के रूप में, बल्कि फिल्म निर्माता और राजनेता के रूप में भी अपनी पहचान बनाई। धर्मेंद्र बीकानेर लोकसभा क्षेत्र से सांसद रहे और 15वीं लोकसभा के सदस्य थे।
2012 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया था।
भारतीय सिनेमा को दिया अमर योगदान
धर्मेंद्र भारतीय सिनेमा के उन सितारों में से एक हैं जिनका प्रभाव कई पीढ़ियों तक बना रहेगा। शोले के वीरू से लेकर चुपके चुपके के प्रोफेसर परिमल तक — धर्मेंद्र ने हर किरदार को यादगार बनाया।
उनका जाना बॉलीवुड के लिए एक युग का अंत है।
🕊️ भारतीय सिनेमा धर्मेंद्र को सदैव याद रखेगा — उनके संवाद, उनका अंदाज़ और उनकी मुस्कान हमेशा अमर रहेंगे।



