PM के बाल सोने की कैंची से काटने की ख्वाहिश… 4 राज्यों में 40 करोड़ की चोरी, रायपुर में 7 लाख उड़ाने वाला जेल-ब्रेक चोर गिरफ्तार

रायपुर, 07 फ़रवरी 2026
रायपुर में तीन दुकानों से करीब 7 लाख रुपए कैश चोरी करने वाले शातिर चोर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान लोकेश श्रीवास उर्फ गोलू के रूप में हुई है, जिसका आपराधिक इतिहास किसी फिल्मी अपराधी से कम नहीं है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने ऐसा बयान दिया, जिसने पुलिस को भी चौंका दिया।
लोकेश ने कहा कि उसकी ख्वाहिश थी कि वह “सोने की कैंची से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाल काटे।”
वारदात के बाद नागपुर-दिल्ली भागा, रायपुर लौटते ही पकड़ा गया
चोरी के बाद आरोपी नागपुर और दिल्ली फरार हो गया था। जैसे ही वह रायपुर लौटा, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और सिविल लाइन थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी की पुष्टि पुलिस उपायुक्त स्मृतिक राजनाला ने की है।
4 राज्यों में 40 करोड़ से ज्यादा की चोरी का आरोप
पुलिस के मुताबिक लोकेश दिल्ली, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना समेत कई राज्यों में 40 करोड़ रुपए से ज्यादा की चोरी कर चुका है। वह ज्वेलरी शॉप, शोरूम और बड़ी दुकानों को निशाना बनाता था। अब तक वह 2 दर्जन से ज्यादा चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है।
क्या है पूरा मामला
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के पंडरी इलाके में 31 जनवरी और 1 फरवरी की रात तीन दुकानों में चोरी हुई थी।
- लब-डब कपड़ा दुकान से – ₹2.75 लाख
- नोवा फर्नीचर से – ₹1.40 लाख
- डिजाइनर सेनिटेशन व हार्डवेयर से – ₹2.85 लाख
कुल मिलाकर 7 लाख रुपए कैश चोरी किया गया।
CCTV फुटेज से हुई पहचान
पुलिस ने घटनास्थलों के CCTV फुटेज खंगाले और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी की पहचान की। पूछताछ में लोकेश ने चोरी की घटनाएं कबूल कर लीं।
उसके पास से
- ₹79,500 कैश
- 2 मोबाइल फोन
बरामद किए गए हैं।
आरोपी ने मौदहापारा थाना क्षेत्र में भी चोरी करना स्वीकार किया है।
2011 से अपराध की दुनिया में, जेल भी तोड़ चुका है
लोकेश कवर्धा का रहने वाला है।
- 2011 में भिलाई संगम डेयरी में पहली चोरी
- 2018 में भिलाई के पारख ज्वेलर्स में बड़ी चोरी
- रायगढ़ जेल से फरार होने का भी रिकॉर्ड
उसके खिलाफ आंध्र प्रदेश, ओडिशा, राजनांदगांव, दुर्ग समेत कई जिलों में मामले दर्ज हैं।
पुलिस कर रही आगे की कार्रवाई
फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस अन्य राज्यों की एजेंसियों से संपर्क कर रही है और चोरी की बाकी रकम की बरामदगी की कोशिश की जा रही है।



