
रायपुर | 28 जनवरी 2026
उप मुख्यमंत्री एवं खेल व युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने नई दिल्ली में केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में खेल अधोसंरचना और प्रशिक्षण सुविधाओं को मजबूत करने से जुड़े अहम प्रस्तावों पर चर्चा की।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने खेलो इंडिया योजना के तहत राज्य में भेजे गए 23 खेल अधोसंरचना प्रस्तावों को जल्द स्वीकृति देने का अनुरोध किया।
उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
अरुण साव ने छत्तीसगढ़ में भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) का रीजनल सेंटर और नेशनल सेंटर ऑफ एक्सिलेंस (NCOE) शुरू करने का प्रस्ताव रखा।
इसके साथ ही रायपुर में टेनिस के लिए खेलो इंडिया एक्सिलेंस सेंटर और बिलासपुर स्थित खेलो इंडिया एक्सिलेंस सेंटर में दो अतिरिक्त खेलों की स्वीकृति की भी मांग की गई।
इसके अलावा लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान, ग्वालियर के क्षेत्रीय केंद्र को छत्तीसगढ़ में स्थापित करने का आग्रह भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा गया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन आधुनिक कोचिंग और खेल विज्ञान आधारित सुविधाओं के अभाव में खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराना चाहती है।
छत्तीसगढ़ सरकार ओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए उच्च स्तरीय एथलीट तैयार करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है।
इन संस्थानों के माध्यम से प्रदेश के खिलाड़ी एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, जूडो, बैडमिंटन, वेटलिफ्टिंग, क्याकिंग-कैनोइंग, बास्केटबॉल और वॉलीबॉल जैसे खेलों में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।



