अनुसूचित जाति विकास के लिए 573 करोड़ की अनुदान मांग पारित: ‘मनखे-मनखे एक समान’ के सिद्धांत पर सरकार, छात्रों और आजीविका योजनाओं पर जोर

रायपुर, 17 मार्च 2026।छत्तीसगढ़ विधानसभा में वर्ष 2026-27 के लिए अनुसूचित जाति विकास विभाग की 573 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांग पारित कर दी गई। विभाग के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने सदन में कहा कि सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े अनुसूचित जाति वर्गों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार बाबा गुरु घासीदास के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को आधार बनाकर कार्य कर रही है। इसी भावना के साथ अनुसूचित जाति समाज की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करते हुए उनके समग्र विकास के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की जा रही हैं।
अनुसूचित जाति उपयोजना में बड़ा प्रावधान
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 के मुख्य बजट में अनुसूचित जाति उपयोजना के अंतर्गत विभिन्न विभागों के माध्यम से 12,970 करोड़ 2 लाख 45 हजार रुपए का समेकित प्रावधान किया गया है। यह राशि विकास कार्यों और अधोसंरचना से जुड़ी योजनाओं पर खर्च की जाएगी।
विभागीय योजनाओं के लिए 573 करोड़ 4 लाख 47 हजार रुपए का बजट रखा गया है, जो पिछले वर्ष के 531 करोड़ 17 लाख 64 हजार रुपए की तुलना में 7.88 प्रतिशत अधिक है।
नई योजनाओं पर जोर
मंत्री ने बताया कि अनुसूचित जाति विकास संचालनालय की स्थापना के लिए 30 नए पदों के सृजन हेतु 2 करोड़ 26 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही परंपरागत चर्म शिल्प व्यवसाय से जुड़े लोगों की आजीविका सुधारने के लिए 2 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
छात्रावास और शिक्षा सुविधाओं का विस्तार
प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए वर्तमान में 342 प्री-मैट्रिक छात्रावास, 92 पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास और 51 आश्रम संचालित हैं, जिनमें 25,927 सीटें स्वीकृत हैं।
भवन विहीन संस्थाओं के लिए नए छात्रावास भवनों के निर्माण हेतु 25 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके तहत बिलासपुर, मुंगेली, रायपुर, जशपुर और बेमेतरा जिलों में छात्रावास, क्रीड़ा परिसर और आवासीय विद्यालय बनाए जाएंगे।
इसके अलावा बड़े शहरों में छात्रावास में प्रवेश नहीं मिलने वाले विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना के अंतर्गत 2 करोड़ 50 लाख रुपए तथा विद्यार्थियों के शैक्षणिक अध्ययन भ्रमण के लिए 1 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ‘उड़ान-शिखर-मंजिल’
अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सीजी-असिस्टेंस फॉर कम्पेटिटिव एग्जामिनेशन योजना शुरू की जाएगी। इसके अंतर्गत ‘उड़ान’, ‘शिखर’ और ‘मंजिल’ तीन घटकों के लिए 7 करोड़ 47 लाख 70 हजार रुपए का प्रावधान किया गया है।
इस योजना के माध्यम से छात्र इंजीनियरिंग, मेडिकल, UPSC, CGPSC, SSC, रेलवे और बैंकिंग जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।
सतनाम पंथ के तीर्थ स्थलों का विकास
मंत्री ने बताया कि सतनाम पंथ के प्रवर्तक गुरु घासीदास से जुड़े तीर्थ स्थलों के विकास के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। गिरौदपुरी-भण्डारपुरी क्षेत्र में सोलर स्ट्रीट लाइट, सतनाम मार्ग के विकास और सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 2.50 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है।
प्राधिकरण के बजट में वृद्धि
अनुसूचित जाति बाहुल्य जिलों के विकास के लिए गठित अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के बजट में 25 करोड़ रुपए की वृद्धि करते हुए इसे 75 करोड़ रुपए करने का प्रस्ताव रखा गया है।
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि सरकार सामाजिक समरसता के संदेश “मनखे-मनखे एक समान” को आधार बनाकर अनुसूचित जाति वर्ग के उत्थान और विकास के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।



