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संविधान, सद्भाव और सामाजिक न्याय ही भारत की आत्मा – टी.एस. सिंहदेव

अंबिकापुर, 02 जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने नववर्ष 2026 के अवसर पर देश और प्रदेशवासियों को संदेश देते हुए कहा कि भारत की असली पहचान संविधान, सामाजिक न्याय और आपसी सद्भाव में निहित है। उन्होंने कहा कि सर्वधर्म समभाव, सहिष्णुता और सामाजिक समरसता ही भारत की आत्मा हैं।

सिंहदेव ने कहा कि वर्ष 2025 कई मायनों में सामाजिक चेतना के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। विशेष रूप से आदिवासी इलाकों में बढ़ते तनाव और टकराव की घटनाएं छत्तीसगढ़ की शांति-प्रिय परंपरा के विपरीत हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका यह वक्तव्य किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि एक संवैधानिक नागरिक और जनसेवक के रूप में है।

उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को याद करते हुए कहा कि भारतीय संविधान समानता, बंधुत्व और न्याय पर आधारित है, और यही देश को एकजुट रखने की ताकत है।

देश के विभिन्न हिस्सों में बढ़ती मॉब लिंचिंग और पहचान आधारित अपराधों पर चिंता जताते हुए सिंहदेव ने कहा कि ऐसी घटनाएं न केवल मानवता पर आघात करती हैं, बल्कि समाज की बुनियाद को भी कमजोर करती हैं। उन्होंने कहा कि भय, अफवाह और नफरत पर आधारित राजनीति देश की एकता और विकास दोनों के लिए घातक है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में कानून का शासन सर्वोपरि है और प्रशासन की निष्पक्षता ही जनता के विश्वास की सबसे बड़ी गारंटी है। उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संविधान के अनुरूप बिना किसी दबाव के कार्य करने की अपील की।

युवाओं को संबोधित करते हुए सिंहदेव ने कहा कि सूचना-क्रांति के दौर में युवाओं की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे भ्रामक सूचनाओं और नफरत फैलाने वाली विचारधाराओं से दूर रहकर समाज में संवाद और सौहार्द के वाहक बनें।

अपने संदेश के अंत में सिंहदेव ने कहा कि वर्ष 2026 में देश को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक न्याय और आर्थिक समानता जैसे मूल मुद्दों पर केंद्रित एक समावेशी भारत की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

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Manish Tiwari

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