साय सरकार की पहली कैबिनेट के फैसले के 2 साल पूरे, 18 लाख पीएम आवास की स्वीकृति से बदली ग्रामीण तस्वीर, 10 हजार आजीविका डबरी का शुभारंभ

रायपुर, 14 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई पहली मंत्रिपरिषद बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 18 लाख आवासों को दी गई ऐतिहासिक स्वीकृति के आज दो वर्ष पूर्ण हो गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने योजना की उपलब्धियों पर आधारित एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया और प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का विधिवत शुभारंभ किया।
कार्यक्रम के दौरान कवर्धा जिले के जनमन आवास योजना के हितग्राहियों तथा नारायणपुर जिले के आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आजीविका डबरी के स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
26.27 लाख के लक्ष्य में 24.37 लाख आवास स्वीकृत
राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वर्ष 2016 से 2026 की अवधि के लिए 26.27 लाख आवासों का लक्ष्य निर्धारित है। इसके विरुद्ध अब तक 24.37 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 17.14 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बीते मात्र दो वर्षों में ही लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है।
6 महीनों में रोजाना 2000 आवास बने
आवास निर्माण की रफ्तार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले 6 महीनों में प्रतिदिन औसतन 2000 आवास पूरे किए गए। यह प्रशासनिक दक्षता, सतत निगरानी और केंद्र-राज्य समन्वय का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
पीएम आवास योजना: पक्का घर, पूरी सुविधा
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की शुरुआत अप्रैल 2016 में हुई थी, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है। योजना के तहत प्रति आवास 1.20 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। साथ ही मनरेगा से 90 दिन की मजदूरी और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से 12 हजार रुपये शौचालय निर्माण के लिए दिए जाते हैं, जिससे हितग्राही को संपूर्ण आवास सुविधा मिल सके।
10,000 आजीविका डबरी से बढ़ेगा ग्रामीण रोजगार
मनरेगा के अंतर्गत मोर गांव–मोर पानी महाअभियान के तहत 10,000 आजीविका डबरी का निर्माण किया जा रहा है। ये डबरियां पात्र हितग्राहियों की निजी भूमि पर बनाई जाएंगी, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी भी शामिल हैं। सभी डबरियों को मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया गया है।
जल संरक्षण के साथ आय बढ़ाने की पहल
आजीविका डबरी परियोजना से जल संरक्षण, सिंचाई सुविधा, मत्स्य पालन, बत्तख पालन, वृक्षारोपण और सिंघाड़ा उत्पादन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे ग्रामीण परिवारों को स्थायी आजीविका के नए अवसर मिलेंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मनरेगा के अभिसरण से छत्तीसगढ़ सरकार आवास सुरक्षा, रोजगार सृजन, जल संरक्षण और ग्रामीण विकास के लक्ष्यों को एक साथ साकार कर रही है, जो समावेशी और सतत विकास की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।



