रजत जयंती मंच से CM विष्णुदेव साय का संदेश: बाबा गुरु घासीदास मानवता के पथ-प्रदर्शक, ‘मनखे-मनखे एक समान’ से मजबूत होगा छत्तीसगढ़

रायपुर, 20 दिसंबर 2025। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सारंगढ़ स्थित गुरु घासीदास ज्ञान स्थली, पुष्पवाटिका में आयोजित तीन दिवसीय संत गुरु घासीदास रजत जयंती समारोह के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने ज्ञान स्थली में स्थापित जैतखाम में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास केवल किसी एक समाज के नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के मार्गदर्शक हैं। उनका अमर संदेश “मनखे-मनखे एक समान” सामाजिक समानता, मानवीय गरिमा और भाईचारे की सुदृढ़ आधारशिला है। जिस दौर में समाज छुआछूत, भेदभाव और रूढ़ियों से जकड़ा था, उस समय उन्होंने सत्य, अहिंसा और समानता का निर्भीक संदेश देकर समाज को नई दिशा दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार गुरु घासीदास बाबा के विचारों से प्रेरणा लेकर अंतिम व्यक्ति तक विकास और न्याय पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को बीते दो वर्षों में धरातल पर उतारा गया है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है—धान का रकबा और किसानों की संख्या में वृद्धि कृषि नीतियों पर बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। सरकार प्रत्येक पात्र किसान से धान खरीदी के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना से लगभग 70 लाख महिलाओं को लाभ मिल रहा है, जिससे महिला सशक्तिकरण को मजबूती मिली है। पीएससी भर्ती में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि युवाओं को योग्यता के आधार पर अवसर मिलें। नई औद्योगिक नीति से उद्यमिता को बढ़ावा मिल रहा है और रोजगार सृजन के साथ सामाजिक न्याय सशक्त हो रहा है। मुख्यमंत्री ने सभी वर्गों से गुरु घासीदास बाबा के विचार अपनाकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।
अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि “मनखे-मनखे एक समान” सामाजिक समरसता की अडिग नींव है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अनुसूचित जाति समाज के विकास को नई गति मिली है। गिरौदपुरी धाम के सर्वांगीण विकास में जैतखाम, मंदिर परिसर, अमृत कुंड, छाता पहाड़ तक सड़क, सीढ़ियां और प्रकाश व्यवस्था जैसे कार्य पूरे किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु मुख्य प्रवेश द्वार से मंदिर तक शेड निर्माण के लिए 3 करोड़ और अन्य विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। भंडारपुरी धाम के विकास हेतु 17 करोड़ 11 लाख 22 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। शिक्षा के क्षेत्र में हर वर्ष पांच प्रतिभावान युवाओं को पायलट प्रशिक्षण के लिए 15-15 लाख रुपये की सहायता का निर्णय लिया गया है।
कार्यक्रम को राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने भी संबोधित किया। समारोह में सांसद राधेश्याम राठिया, विधायक उत्तरी गणपत जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय, पूर्व विधायक निर्मल सिन्हा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक पदाधिकारी और श्रद्धालु उपस्थित रहे।



