
रायपुर, 24 जनवरी 2026/गणतंत्र दिवस समारोह से पूर्व कर्तव्य पथ पर आयोजित फुल ड्रेस रिहर्सल में छत्तीसगढ़ की झांकी ने अपनी भव्य और सृजनात्मक प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की थीम पर आधारित इस झांकी में राज्य की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को आधुनिक तकनीक के साथ प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
झांकी में जनजातीय समाज की जीवनशैली, पारंपरिक कला, लोकनृत्य, विशिष्ट वेशभूषा और ऐतिहासिक विरासत की जीवंत झलक देखने को मिली। पारंपरिक रंगों, प्रतीकों और नृत्य मुद्राओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ की आदिवासी परंपराओं को सजीव रूप में उकेरा गया।
इस प्रस्तुति की खास बात यह रही कि इसमें परंपरा और तकनीक के समन्वय को दर्शाते हुए डिजिटल माध्यमों के जरिए जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और प्रचार का संदेश दिया गया। झांकी ने यह दर्शाया कि किस प्रकार आधुनिक तकनीक आदिवासी विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन सकती है।
कर्तव्य पथ पर मौजूद दर्शकों और गणमान्य अतिथियों ने छत्तीसगढ़ की इस सांस्कृतिक प्रस्तुति की खुले दिल से सराहना की। झांकी ने न केवल राज्य की पहचान को राष्ट्रीय मंच पर मजबूती से प्रस्तुत किया, बल्कि आदिवासी संस्कृति के सम्मान और संरक्षण का सशक्त संदेश भी दिया।



