छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिली नई रफ्तार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर 45 युवाओं ने पूरा किया टूरिस्ट गाइड का विशेष प्रशिक्षण

बस्तर के युवाओं के लिए रोज़गार का सुनहरा मौका, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने भी दी शुभकामनाएं
रायपुर, 04 दिसंबर 2025।
छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लगातार विशेष कदम उठा रहे हैं। राज्य की नैसर्गिक सुंदरता, समृद्ध संस्कृति और अनोखे पर्यटन स्थलों को देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए सरकार व्यापक अभियान चला रही है। महानगरों में छत्तीसगढ़ पर्यटन की प्रदर्शनी और कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही हैं, ताकि राज्य को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित किया जा सके।
पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने के बाद सरकार ने नई औद्योगिक नीति में कई रियायतें लागू की हैं। होम-स्टे पॉलिसी के जरिए बस्तर और सरगुजा जैसे आदिवासी अंचलों में पर्यटन को नई दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है।
इसी कड़ी में राज्य के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘टूरिस्ट गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम’ शुरू किया गया। मुख्यमंत्री की पहल पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के सहयोग से बस्तर सहित विभिन्न जिलों के 45 युवाओं को भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंध संस्थान (IITTM), ग्वालियर भेजा गया। ये सभी युवा एक महीने का गहन प्रशिक्षण पूरा कर अब छत्तीसगढ़ वापस लौट आए हैं।
इन प्रशिक्षित युवाओं को जल्द ही राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में टूरिस्ट गाइड के रूप में तैनात किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने सभी युवाओं को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, हरी-भरी वादियां और अनछुए पर्यटन स्थल राज्य को देश का प्रमुख पर्यटन हब बनाने की क्षमता रखते हैं। पर्यटन क्षेत्र में मौजूद असीम संभावनाएं युवाओं को रोजगार और व्यवसाय दोनों उपलब्ध कराएंगी।
उन्होंने प्रशिक्षित युवाओं से अपील की कि वे पर्यटकों को छत्तीसगढ़ की संस्कृति, धरोहर और प्राकृतिक स्थलों के बारे में प्रभावी तरीके से जानकारी दें ताकि राज्य में पर्यटकों की संख्या में और वृद्धि हो।
गौरतलब है कि पिछले सात वर्षों के अंतराल के बाद छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा यह टूरिस्ट गाइड प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें भाग लेने वाले अधिकांश युवा बस्तर संभाग से हैं। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें पर्यटक मार्गदर्शन, संप्रेषण कौशल, सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन प्रबंधन और फील्ड विज़िट जैसे महत्वपूर्ण विषयों का व्यावहारिक ज्ञान दिया गया।
ये युवा अब छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को नए अंदाज में प्रस्तुत करते हुए राज्य के पर्यटन उद्योग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।



