छत्तीसगढ़: रायगढ़ में JPL कोल ब्लॉक जनसुनवाई पर ग्रामीणों का विरोध, हिंसक झड़प के बाद कंपनी बैकफुट पर

रायगढ़, 30 दिसंबर 2025: रायगढ़ जिले में JPL के प्रस्तावित गारे पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक की जनसुनवाई का ग्रामीणों ने जोरदार विरोध किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए तीन वाहनों में आग लगा दी और महिला TI को भी चोट पहुंचाई।
ग्रामीणों ने कंपनी और प्रशासन पर जनसुनवाई को दबाव में कराने की कोशिश का आरोप लगाया। अगर यह जनसुनवाई पूरी हो जाती, तो कंपनी 14 गांवों की 3100 हेक्टेयर जमीन ले लेती और प्रति एकड़ 62 लाख रुपये मुआवजा देती। प्रभावित गांवों में धौराभांठा, लिबरा, झिकाबहाल, बागबाड़ी, बुड़िया, समकेरा, झरना, खुरूसलेंगा, लमडांड, बिजना, टांगरघाट, आमगांव, रावनगुड़ार और तिलाईपारा शामिल थे।
ग्रामीणों ने पहले शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए 14 अक्टूबर को स्थगित कराई गई जनसुनवाई की तरह, 8 दिसंबर को होने वाली दूसरी जनसुनवाई को भी रोकने के लिए विरोध जताया। इसके बाद वे लिबरा के सीएचपी चौक पर धरना प्रदर्शन कर रहे थे।
इस हिंसक संघर्ष के बाद JPL कंपनी ने 29 दिसंबर को प्रशासन को पत्र भेजकर जनसुनवाई के आवेदन को वापस लेने की मांग की। जिला प्रशासन भी अब जनसुनवाई निरस्त करने की प्रक्रिया में है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष दीपक बैज ने धरना स्थल का दौरा किया और कहा कि पुलिस ने ग्रामीणों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए बरबरता पूर्वक कार्रवाई की, जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने जवाबी हमला किया। बैज ने कहा, “इस घटना के लिए जिम्मेदार प्रशासन और पुलिस है, जिन्होंने जानबूझकर ग्रामीणों को उकसाया।”
इस घटनाक्रम ने पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है और ग्रामीणों की सशक्त चेतावनी के बाद कंपनी बैकफुट पर आ गई है।



