
रायपुर, 8 दिसंबर 2025।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजनांदगांव में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राज्य में नक्सलवाद उन्मूलन की दिशा में बीते दो वर्ष ऐतिहासिक साबित हुए हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लक्ष्य—“31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का पूर्ण उन्मूलन”—की ओर छत्तीसगढ़ तेज़ी से बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और अब यह अपनी अंतिम स्थिति में है।
500 से अधिक माओवादी ढेर, 4,000 से ज्यादा ने आत्मसमर्पण या गिरफ्तारी दी
मुख्यमंत्री ने बताया कि सुरक्षा बलों ने दो वर्षों में अभूतपूर्व सफलता अर्जित की है।
- 500 से अधिक माओवादी मुठभेड़ों में ढेर किए गए
- 4,000 से ज्यादा नक्सलियों ने या तो आत्मसमर्पण किया या गिरफ्तारी दी
साय ने कहा कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई से बस्तर में दशकों से जारी हिंसा कमजोर पड़ी है और शांति का वातावरण तेजी से स्थापित हो रहा है।
आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए नई पुनर्वास नीति
राज्य सरकार ने समर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए बड़े स्तर पर पुनर्वास योजनाएँ लागू की हैं—
- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 15,000 आवास स्वीकृत
- 3 वर्षों तक 10,000 रुपये मासिक सहायता
- कौशल विकास प्रशिक्षण और रोजगार कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि “गोलीबारी छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ना अब बस्तर की नई हकीकत है।”
पंडुम कैफ़े जैसे मॉडल सामाजिक परिवर्तन का उदाहरण बन रहे हैं।
400 से अधिक गाँव फिर से आबाद
उन्होंने बताया कि सुरक्षा कैंपों के विस्तार और प्रशासन की पहुँच बढ़ने से बस्तर में
- 400 से अधिक गाँव पुनः आबाद हो चुके हैं
- नियद नेल्ला नार योजना से सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधा तेज़ी से पहुँच रही हैं
- कई गाँवों में वर्षों बाद स्कूलों में घंटियाँ बज रहीं, ध्वजारोहण हुआ और चुनाव में रिकॉर्ड मतदान देखने को मिला
साय ने कहा कि अब बस्तर में राशन कार्ड से लेकर मोबाइल नेटवर्क तक की सुविधा सुगमता से उपलब्ध है।
बस्तर बनेगा नया विकास केंद्र
मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि, सिंचाई, वनोपज, पशुपालन और ग्रामीण उद्योगों में बस्तर तेज़ी से उभर रहा है।
नई औद्योगिक नीति 2024–30 में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्थायी आय का अवसर मिल रहा है।
पर्यटन को उद्योग का दर्जा: वैश्विक पहचान की ओर बस्तर
साय ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद
कुटुमसर गुफा, झरने, अबूझमाड़ के जंगल और जनजातीय संस्कृति वैश्विक आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं।
होम-स्टे मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत कर रहा है।
“यह जीत जनता, शहीद जवानों और सुरक्षा बलों की है”
समापन में मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद उन्मूलन की यह प्रगति छत्तीसगढ़ के शहीद जवानों और सुरक्षा बलों की कड़ी मेहनत का परिणाम है।
उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप बस्तर जल्द ही पूरी तरह नक्सलमुक्त होकर विकास की मुख्यधारा में जुड़ेगा।



