छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र: नए भवन में पहली कार्यवाही, कांग्रेस का बहिष्कार, ‘विजन 2047’ पर घमासान—ओपी चौधरी का तंज, बोले “डूबती नाव है कांग्रेस”

नवा रायपुर, 14 दिसंबर 2025/ छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र की आज रविवार से शुरुआत हो गई। नवा रायपुर में बने नए विधानसभा भवन में यह पहला सत्र है। सत्र के पहले ही दिन राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब कांग्रेस ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया। इस पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस डूबती हुई नाव है और उसका डूबना तय है। उन्होंने कहा कि इसी कारण सत्ता पक्ष और भारतीय जनता पार्टी पूरी जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ रही है।
सदन में आज ‘विजन 2047’ पर विस्तृत चर्चा हो रही है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि ‘विजन 2047’ विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक ठोस और व्यावहारिक रोडमैप है, जिसे समाज के हर वर्ग से मिले सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि इस विजन डॉक्यूमेंट में करीब एक लाख लोगों की सलाह और सुझाव शामिल किए गए हैं।
ओपी चौधरी ने कहा कि भारत युवा आबादी वाला देश है और आगे बढ़ने के लिए स्पष्ट और दीर्घकालिक विजन होना बेहद जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि आज भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और 2047 तक देश की अर्थव्यवस्था 64 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है। इससे वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को विकास के बड़े अवसर मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि इसी सोच के तहत छत्तीसगढ़ के लिए भी ‘विजन 2047’ तैयार किया गया है। इस विजन का उद्देश्य महंगाई, गरीबी और बेरोजगारी को कम करना, शिशु मृत्यु दर में सुधार लाना, साथ ही कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र की विकास दर को तेज करना है।
वहीं पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि विधानसभा में आज नई प्रक्रिया की शुरुआत हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि बहस और चर्चा किस मुद्दे पर होगी और सवाल-जवाब की प्रक्रिया क्या होगी, यह स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने ‘विजन डॉक्यूमेंट’ के लिए मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री को बधाई दी।
अजय चंद्राकर ने कहा कि 2047 के विजन की नींव क्या है और समग्र परिवर्तन में अब तक क्या गलतियां हुई हैं, यह भी सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘नवा अंजोर’ दस्तावेज में केवल शिक्षा और स्वास्थ्य पर ही फोकस दिखता है, जबकि उद्योग नीति में छत्तीसगढ़ की झलक नहीं मिलती।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उद्योग नीति में ‘मेक इन छत्तीसगढ़’ की भावना का अभाव है। साथ ही राइस मिलों की बदहाल स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि यदि खाद्य मंत्री चाहें तो इस मुद्दे पर स्वतंत्र बहस कर सकते हैं।
कुल मिलाकर नए विधानसभा भवन में शुरू हुए पहले ही सत्र में ‘विजन 2047’ को लेकर सत्ता पक्ष के दावों और विपक्ष के सवालों के बीच सियासी तापमान काफी ऊंचा नजर आया।



