CG शराब घोटाले पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: चैतन्य बघेल को मिली जमानत, 168 दिन बाद खुलेंगी जेल की सलाखें

रायपुर | 2 जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। ईडी (ED) और ईओडब्ल्यू (EOW) से जुड़े मामलों की सुनवाई के बाद अदालत ने चैतन्य बघेल की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है।
लगभग 168 दिन जेल में रहने के बाद अब उनके रिहा होने का रास्ता साफ हो गया है।
जन्मदिन पर हुई थी गिरफ्तारी
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 18 जुलाई 2025 को चैतन्य बघेल को उनके भिलाई स्थित निवास से PMLA, 2002 के तहत गिरफ्तार किया था।
यह गिरफ्तारी उनके जन्मदिन के दिन की गई थी।
ईडी ने यह कार्रवाई एसीबी-ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की थी, जिसमें छत्तीसगढ़ के शराब कारोबार में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार और अवैध कमाई का आरोप है।
29,800 पन्नों की चार्जशीट
शराब घोटाले मामले में ईडी ने 26 दिसंबर 2025 को अदालत में लगभग 29,800 पन्नों की अंतिम चार्जशीट दाखिल की।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 82 आरोपियों के खिलाफ यह चार्जशीट पेश की गई है।
2500 करोड़ से ज्यादा की अवैध कमाई का आरोप
ईडी की जांच में सामने आया है कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में एक संगठित सिंडिकेट के जरिए शराब कारोबार में भारी घोटाला किया गया।
जांच एजेंसी के अनुसार इस घोटाले से राज्य के खजाने को नुकसान पहुंचा और करीब 2500 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध कमाई की गई।
इस कथित सिंडिकेट में शामिल बताए गए प्रमुख नामों में —
- IAS अनिल टुटेजा
- आबकारी विभाग के एमडी एपी त्रिपाठी
- कारोबारी अनवर ढेबर
शामिल हैं।
अब तक इनकी हो चुकी है गिरफ्तारी
शराब घोटाला मामले में अब तक कई बड़े नाम जेल जा चुके हैं, जिनमें शामिल हैं —
- कवासी लखमा (पूर्व आबकारी मंत्री)
- चैतन्य बघेल
- अनिल टुटेजा (पूर्व IAS)
- अनवर ढेबर
- सौम्य चौरसिया
इसके अलावा आबकारी विभाग के 28 अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया था, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।



