CG Breaking: सुकमा पुलिस का बड़ा ऑपरेशन – जंगल में चल रही नक्सलियों की हथियार फैक्ट्री ध्वस्त, 17 राइफल समेत भारी मात्रा में असलहा बरामद

सुकमा। एसपी किरण चव्हाण के निर्देशन में जिला पुलिस और विशेष टीमों द्वारा नक्सल प्रभावित इलाकों में चलाए जा रहे समन्वित एंटी-नक्सल अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। सुकमा DRG टीम ने सटीक खुफिया सूचना के आधार पर गोमगुड़ा इलाके के घने जंगल में चल रही एक अवैध हथियार निर्माण (ऑर्डिनेंस) फैक्ट्री का पता लगाकर उसे ध्वस्त किया है।
बरामद हथियार और सामग्री
मौके से 17 राइफलें (कुछ चालू अवस्था में), हथियार बनाने की मशीनें, उपकरण, गन-पार्ट्स और भारी मात्रा में निर्माण सामग्री जब्त की गई है। प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि यह फैक्ट्री माओवादी संगठन द्वारा सुरक्षा बलों पर हमले की तैयारी के लिए संचालित की जा रही थी।
बरामद वस्तुओं में शामिल:
- BGL रॉकेट लॉन्चर – 01 नग
- BGL लॉन्चर – 06 नग
- 12 बोर राइफल – 06 नग
- सिंगल-शॉट राइफल – 03 नग
- देशी कट्टा – 01 नग
- राइफल और BGL के बैरल, बॉडी कवर, टेबल वाइस, ड्रिल मशीनें, ग्राइंडर प्लेट, हथौड़ा, वेल्डिंग शील्ड, वायर और अन्य सामग्री
पुलिस की नई रणनीति और असर
जिला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे निरंतर अभियानों और सक्रिय खुफिया नेटवर्क के चलते माओवादी नेटवर्क पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
पिछले वर्ष के आंकड़ों के अनुसार —
👉 545 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं
👉 454 गिरफ्तार किए गए
👉 64 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए
पुलिस की अपील और पुनर्वास नीति
सुकमा पुलिस ने एक बार फिर सभी भटके हुए नक्सलियों से अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास की मुख्यधारा में लौट आएं। आत्मसमर्पण करने वालों को छत्तीसगढ़ शासन की नक्सलवादी आत्मसमर्पण / पीड़ित राहत पुनर्वास नीति 2025 के तहत सुरक्षित वापसी, सम्मानजनक जीवन और रोजगार के अवसर दिए जाएंगे।
एसपी किरण चव्हाण का बयान:
“हमारा उद्देश्य केवल नक्सलवाद का दमन नहीं, बल्कि क्षेत्र में स्थायी शांति और समावेशी विकास स्थापित करना है। जो भी हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहता है, उसे शासन की नीति के अंतर्गत सम्मानजनक जीवन की गारंटी दी जाएगी।”
👉 इस कार्रवाई से सुकमा पुलिस ने माओवादी नेटवर्क को एक बड़ा झटका दिया है और क्षेत्र में शांति स्थापना की दिशा में यह बड़ी सफलता मानी जा रही है।



