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बायर-सेलर मीट 2026: छत्तीसगढ़ की ‘बिहान दीदियों’ के उत्पादों पर खरीदारों की मुहर, 2.13 लाख मीट्रिक टन की बड़ी डील फाइनल

00जैविक चावल से लेकर कोदो-कुटकी और तिखूर तक, 11 उत्पादों की जबरदस्त मांग00
00राज्य सहित अन्य राज्यों के खरीदारों ने दिखाई रुचि, महिला समूहों का बढ़ा आत्मविश्वास00

रायपुर, 22 जनवरी 2026/नवा रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित दो दिवसीय बायर-सेलर मीट 2026 में छत्तीसगढ़ के बिहान महिला स्व-सहायता समूहों और एफपीओ के उत्पादों को खरीददारों से बेहतर और उत्साहजनक रिस्पॉन्स मिला है। इस आयोजन से महिला समूहों का मनोबल बढ़ा है और उन्हें स्थायी बाजार से जुड़ने का भरोसा मिला है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 20 और 21 जनवरी को आयोजित इस मीट में महिला समूहों और खरीददारों के बीच उत्पादों की मात्रा, गुणवत्ता और मार्केटिंग को लेकर कई महत्वपूर्ण सहमतियां बनीं।

2.13 लाख मीट्रिक टन की सप्लाई डील फाइनल

इस बायर-सेलर मीट में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ अन्य राज्यों के खरीददारों ने भाग लिया। उन्होंने बिहान समूहों के 11 प्रमुख उत्पादों की 2 लाख 13 हजार मीट्रिक टन सप्लाई की डील फाइनल की।

जिन उत्पादों की सबसे ज्यादा मांग रही, उनमें शामिल हैं—

  • जैविक चावल (विष्णु भोग, देवभोग, जवाफूल, जीराफूल)
  • चना दाल और बेसन
  • उड़द दाल
  • विभिन्न प्रकार के मसाले
  • कोदो-कुटकी
  • तिखूर

सीधे संवाद से मिले वास्तविक बाजार अवसर

राज्य स्तरीय इस आयोजन में महिला समूहों ने अपने उत्पादों की क्वालिटी, पैकेजिंग और उपलब्ध मात्रा की जानकारी खरीदारों को दी, वहीं खरीदारों ने अपनी डिमांड और बाजार की जरूरतें साझा कीं।
आर्डर और सप्लाई को लेकर कई व्यावहारिक सहमतियां बनीं, जिससे महिला एफपीओ को सीधे और टिकाऊ बाजार से जुड़ने का अवसर मिला।

उत्पादों की गुणवत्ता और नवाचार की सराहना

इस मौके पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह ने सभी जिलों से आए महिला समूहों और महिला-नेतृत्व वाले एफपीओ के स्टॉलों का निरीक्षण किया।
उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, प्रस्तुति और नवाचार की सराहना करते हुए कहा—

“बिहान की दीदियां अब सिर्फ उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बाजार की मांग को समझते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं।”

उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में उत्पादों की मात्रा और गुणवत्ता दोनों में सुधार किया जाएगा, ताकि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग पूरी की जा सके।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर

बिहान के मिशन संचालक अश्विनी देवांगन ने कहा—

“बायर-सेलर मीट 2026 महिला एफपीओ और एसएचजी के लिए ऐतिहासिक अवसर है। सीधे संवाद से उन्हें वास्तविक और टिकाऊ बाजार मिला है। यह आयोजन महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और आजीविका संवर्धन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।”


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Manish Tiwari

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