ब्रेकिंग न्यूज़ | छत्तीसगढ़ के सोनाखान में मिला सोने का भंडार — वेदांता लिमिटेड ने जीती गोल्ड माइंस की नीलामी, शुरू हुई खुदाई

रायपुर/बलौदा बाजार, 07 नवंबर 2025:
छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले का सोनाखान अब सचमुच “सोने की खान” बन गया है। राज्य सरकार द्वारा आयोजित बाघमारा (सोनाखान) गोल्ड माइंस की ई-नीलामी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिसमें वेदांता लिमिटेड ने सबसे ऊंची बोली लगाकर यह खदान अपने नाम कर ली है।
वेदांता ने 74,712 रुपये प्रति ट्राय औंस के आईबीएम विक्रय मूल्य का 12.55% बोली लगाई है। इस बोली के बाद कंपनी को सोनाखान क्षेत्र में सोने के उत्खनन का अधिकार मिल गया है।
🔶 देश की चौथी और छत्तीसगढ़ की पहली सक्रिय स्वर्ण खदान
भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण संगठन (GSI) ने 1983 से 1991 के बीच सोनाखान क्षेत्र में सर्वे कर सोने की मौजूदगी की पुष्टि की थी। वर्ष 2015 में इसे वाणिज्यिक खनन योग्य क्षेत्र घोषित किया गया। अब यह देश की चौथी सक्रिय स्वर्ण खदान बनने जा रही है।
🔶 वेदांता ने भूमिपूजन कर शुरू की खुदाई
वेदांता समूह ने बुधवार को सोनाखान में भूमिपूजन कर टेस्टिंग खुदाई की शुरुआत की। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही उत्पादन कार्य प्रारंभ होगा, जिससे राज्य की आर्थिक आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
🔶 608 हेक्टेयर में फैला भंडार, 2,700 किलो सोना
यह स्वर्ण क्षेत्र 608 हेक्टेयर में फैला हुआ है और इसमें लगभग 2,700 किलो सोने का अनुमानित भंडार है। इनमें से करीब 500 किलो सोना सतह के नजदीक पाया गया है।
🔶 राज्य को होगी भारी रॉयल्टी और युवाओं को रोजगार
यह छत्तीसगढ़ की पहली स्वर्ण खदान है। इसके शुरू होने से राज्य सरकार को रॉयल्टी के रूप में करोड़ों रुपये की आमदनी होगी। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए सैकड़ों रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
🔶 सोनाखान बनेगा भारत का नया “गोल्ड हब”
सोनाखान का यह अध्याय न केवल छत्तीसगढ़ के खनिज इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज होगा, बल्कि यह राज्य को भारत के स्वर्ण मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा



