छत्तीसगढ़
Trending

बिरनपुर हिंसा मामला: 17 आरोपी दोषमुक्त, CM साय बोले– यह न्यायालयीन प्रक्रिया

रायपुर, 17 फरवरी 2026। प्रदेश के बहुचर्चित बिरनपुर हिंसा मामले में बड़ा फैसला सामने आया है। बेमेतरा जिला न्यायालय ने सुनवाई के बाद 17 आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश साक्षी दीक्षित की अदालत में हुई।

फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह पूरी तरह न्यायालयीन प्रक्रिया है और न्यायालय अपने साक्ष्यों के आधार पर निर्णय देता है।

64 गवाहों के बयान, लंबी सुनवाई के बाद फैसला

अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 64 साक्षियों के बयान दर्ज किए गए। डिजिटल साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी तथ्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने पर्याप्त ठोस साक्ष्य के अभाव में सभी 17 आरोपियों को संदेह का लाभ दिया।

कैसे भड़की थी हिंसा

उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2023 में बिरनपुर में दो बच्चों के बीच हुए विवाद ने सामुदायिक तनाव का रूप ले लिया था। 8 अप्रैल 2023 को साजा विधायक ईश्वर साहू के पुत्र भुनेश्वर साहू की हत्या के बाद क्षेत्र में हालात बिगड़ गए थे।
10 अप्रैल को विश्व हिंदू परिषद ने छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया। इसके बाद गांव में आगजनी और हिंसा की घटनाएं हुईं। इस दौरान रहीम (55) और उनके पुत्र ईदुल मोहम्मद (35) की भी हत्या कर दी गई थी। बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र में धारा 144 लागू की थी।

CBI को सौंपी गई थी जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंपी गई थी। प्रारंभिक जांच में 12 आरोपी थे, जबकि बाद में छह अन्य नाम जोड़े गए। विस्तृत विवेचना के बाद आरोपपत्र अदालत में पेश किया गया।

फैसले के बाद नई बहस

न्यायालय के इस निर्णय के बाद प्रदेश में कानूनी और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। बिरनपुर हिंसा प्रकरण ने उस समय कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को लेकर कई सवाल खड़े किए थे। अब फैसले के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया और संभावित कदमों पर नजर बनी हुई है।

IMG 20250811 172353
Manish Tiwari

Show More

Related Articles

Back to top button