Bilaspur Nagar Nigam Hungama: 175 से ज्यादा बेजा कब्जे हटाने पर बवाल, सामान्य सभा में मारामारी जैसे हालात — कांग्रेस पार्षद धरने पर, 84 दिन से सड़कों पर बैठे हैं प्रभावित परिवार

बिलासपुर, छत्तीसगढ़। नगर पालिक निगम बिलासपुर की सामान्य सभा शुक्रवार को भारी हंगामे की भेंट चढ़ गई। लिंगियाडीह इलाके में हाल ही में हटाए गए 175 से अधिक बेजा कब्जों का मुद्दा उठते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए और स्थिति तीखी बहस तक पहुंच गई।
सभा के दौरान वार्ड पार्षद दिलीप पाटिल ने प्रभावित परिवारों का मामला उठाया। इस पर सत्ता पक्ष के पार्षदों ने विरोध जताया, जिसके बाद दोनों पक्षों में जोरदार नोकझोंक शुरू हो गई। हंगामा इतना बढ़ा कि कुछ समय के लिए कार्यवाही रोकनी पड़ी।
गेट पर धरना, 84 दिन से प्रदर्शन
विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेसी पार्षदों ने लखीराम ऑडिटोरियम के मुख्य गेट पर धरना शुरू कर दिया। लिंगियाडीह के प्रभावित परिवार भी बड़ी संख्या में धरने में शामिल हो गए।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन ने पुनर्वास का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई।
वार्ड क्रमांक 47 के लोगों का कहना है कि वे पिछले 84 दिनों से लगातार धरने पर बैठे हैं और उनकी मांग है कि उन्हें उसी स्थान पर बसाया जाए जहां से हटाया गया।
क्या है पूरा मामला
लिंगियाडीह क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान 175 से अधिक निर्माण हटाए गए थे।
- प्रभावित परिवारों का दावा — वर्षों से रह रहे थे, बिना वैकल्पिक व्यवस्था हटाया गया
- निगम प्रशासन का पक्ष — कार्रवाई नियमों के तहत, पुनर्वास पर निर्णय शासन स्तर से होगा
फिलहाल शहर की राजनीति का केंद्र बना यह मामला थमता नहीं दिख रहा और सामान्य सभा हंगामे के साये में जारी है।



