चेन्नई बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल का बड़ा सुझाव : मेडिकल वीज़ा फास्ट-ट्रैक कर भारत को मेडिकल टूरिज्म हब बनाने की मांग

रायपुर/चेन्नई। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने देश में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए मेडिकल वीज़ा की प्रक्रिया को फास्ट-ट्रैक करने का अहम सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि 2033 तक भारत का मेडिकल टूरिज्म बाजार 70.9 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, ऐसे में अगर विदेशी मरीजों को भारत आने के लिए वीज़ा प्रक्रिया में तेजी मिलेगी तो वे दूसरे देशों का रुख करने के बजाय भारत को प्राथमिकता देंगे।
यह सुझाव उन्होंने आज चेन्नई में आयोजित एस्टीमेट कमेटी की बैठक के दौरान रखा। बैठक में पर्यटन मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और आयुष मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। सांसद अग्रवाल ने विशेष रूप से वेलनेस टूरिज्म — जिसमें आयुर्वेद, योग और सिद्ध चिकित्सा शामिल हैं — को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि सिद्ध चिकित्सा तमिलनाडु में विकसित एक प्राचीन और समग्र भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धति है, जिसे वैश्विक पहचान दिलाई जा सकती है। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
सांसद ने कहा कि मेडिकल वीज़ा की प्रक्रिया जटिल और समय-साध्य होने के कारण कई विदेशी मरीज दूसरे देशों में इलाज के लिए चले जाते हैं। यदि इसे फास्ट-ट्रैक किया जाए तो भारत मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व हासिल कर सकता है।
बैठक में मौजूद मंत्रालयों के प्रतिनिधियों ने इस सुझाव को महत्वपूर्ण बताते हुए इस दिशा में ठोस नीति और प्रक्रिया सुधार पर विचार करने की सहमति जताई।



