नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ की ओर बड़ा कदम: सुकमा में 10 माओवादी कैडरों ने किया सरेंडर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले—‘अब बस्तर बदल रहा है’

रायपुर, 12 दिसंबर 2025। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुँचती दिख रही है। सुकमा जिले में “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान के तहत आज दरभा डिवीजन कमेटी सहित विभिन्न नक्सली संगठनों से जुड़े 10 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें 6 महिला माओवादी भी शामिल हैं, जिन पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस आत्मसमर्पण को “ऐतिहासिक और सकारात्मक परिवर्तन” बताते हुए कहा कि नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प अब तेजी से धरातल पर उतर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मजबूत नेतृत्व ने इस लड़ाई को नई दिशा दी है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा—
“बस्तर में हिंसा और भय का प्रभाव तेजी से कमजोर हो रहा है, जबकि विकास, विश्वास और संवाद की राह मजबूत हो रही है।”
सरकार की विशेष पुनर्वास नीति के तहत सरेंडर करने वाले माओवादियों को सुरक्षा, सम्मान, आजीविका और समाज में पुनर्स्थापना की गारंटी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यधारा में लौटकर ये लोग “एक सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी भविष्य” की नई शुरुआत कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने नक्सलियों की घर-वापसी के फैसले का स्वागत करते हुए अन्य भटके युवाओं से भी अपील की कि वे हिंसा छोड़कर विकास की मुख्यधारा से जुड़ें।
साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों—
- सुरक्षा बलों की सशक्त कार्रवाई
- विकास योजनाओं का विस्तार
- मानव केंद्रित पुनर्वास नीति
के चलते बस्तर में परिवर्तन की नई कहानी लिखी जा रही है।



