बिहान भर्ती में बड़ा घोटाला : मनचाहे लोगों की नियुक्ति के लिए बढ़ाई गई आवेदन तिथि, पात्र अभ्यर्थियों को किया गया अपात्र

00बिना क्षेत्र के अनुभव वालों को दिया गया मौका, चयन समिति की नीयत पर सवाल00
रायपुर, 10 नवंबर 2025। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) की भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि विभाग ने मनचाहे लोगों की नियुक्ति सुनिश्चित करने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई, पात्र उम्मीदवारों को जानबूझकर अपात्र किया और पहले से भीतर कार्यरत लोगों को पदों पर पात्र आवेदकों की सूची में डाल दिया गया।
बिहान कार्यालय ने 27 फरवरी 2025 को भर्ती का विज्ञापन जारी किया था, जिसके तहत 24 मार्च 2025 तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाने थे। लेकिन, पहले से कार्यरत कुछ कर्मचारियों के आवेदन छूट जाने के कारण कार्यालय ने पोर्टल को दोबारा 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2025 तक खोल दिया। अभ्यर्थियों का कहना है कि यह निर्णय पूरी तरह पक्षपातपूर्ण था और इसका उद्देश्य अंदरूनी एवं अपने पहचान के लोगों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने का अवसर देना था।
प्रदेश में जहां लगभग 16 लाख बेरोजगार हैं, वहीं बिहान के वरिष्ठ पदों पर बेहद कम आवेदन प्राप्त हुए। अभ्यर्थियों का कहना है कि विभाग ने शैक्षणिक योग्यता और अनुभव की ऐसी जटिल शर्तें रखीं कि अधिकांश उम्मीदवार आवेदन ही नहीं कर सके। यही वजह रही कि राज्य कार्यक्रम प्रबंधक, सहायक कार्यक्रम प्रबंधक और प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव जैसे पदों पर आवेदनों की संख्या बेहद कम रही। दावा-आपत्ति के बाद भी कई पदों पर पात्र अभ्यर्थियों की संख्या 10 से भी कम रही।
सबसे गंभीर मामला राज्य कार्यक्रम प्रबंधक (वित्तीय प्रबंधन) पद का है, जिस पर केवल विनय कुमार मांडवी को पात्र घोषित किया गया और दावा-आपत्ति के बाद भी वही एकमात्र नाम सूची में रहा। विनय कुमार मांडवी का चयन भी कर लिया गया है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि चयन समिति ने “समकक्ष” शब्द का दुरुपयोग कर योग्य उम्मीदवारों को बाहर किया। “समकक्ष” शब्द का दायरा न तो विज्ञापन में स्पष्ट किया गया और न ही चयन प्रक्रिया के दौरान, जिससे समिति को अपनी सुविधा अनुसार चयन करने का अवसर मिल गया।
चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल तब और गहराए जब पहले पात्र घोषित किए गए राजीव श्रीवास (वर्तमान में जिला कार्यक्रम प्रबंधक, कोरबा) को दावा-आपत्ति के बाद अपात्र कर दिया गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि पहले चयन समिति ने उन्हें पात्र माना था, तो बाद में उन्हें अपात्र ठहराने का आधार क्या था? इससे समिति के निर्णयों की विश्वसनीयता पर गहरा संदेह उत्पन्न होता है।
इसी तरह, रायपुर जिले की जिला मिशन प्रबंधक प्रज्ञा पोरवाल का नाम भी विवादों में है। उन्हें राज्य स्तर पर “आजीविका” से संबंधित कार्य में संलग्न किया गया है, जबकि उनके पास इस क्षेत्र का कोई प्रत्यक्ष अनुभव नहीं है। प्रज्ञा पोरवाल “सोशल मोबिलाइजेशन एवं क्षमता वर्धन” क्षेत्र का अनुभव है और “आजीविका” क्षेत्र से उनका कोई व्यावहारिक जुड़ाव नहीं है। भर्ती नियमों के अनुसार, किसी असंबंधित कार्य को अनुभव के रूप में जोड़ा जाना अमान्य होता है। इसके बावजूद चयन समिति ने उन्हें पात्र घोषित किया, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि समिति ने जानबूझकर इस तथ्य को नजरअंदाज किया।
यह पहला मौका नहीं है जब बिहान कार्यालय की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठे हों। इससे पहले भी प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव दिवाकर चौबे और पी.एम.-एम.आई.एस. योगेश साहू का चयन इसी तरह की प्रक्रिया से किया गया था। दोनों पहले एन.आई.सी. के माध्यम से बिहान में सेवाएँ दे रहे थे। भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी दिखाने के लिए “डमी चयन प्रक्रिया” चलाई गई, लेकिन अंततः उन्हीं लोगों को पदों पर नियुक्त किया गया जो पहले से ही बिहान से जुड़े हुए थे।
भर्ती प्रक्रिया की गंभीरता पर सवाल तब और बढ़ गया जब दावा-आपत्ति की प्रक्रिया दो-दो बार कराई गई — पहले 7 जून से 16 जून 2025 तक और फिर 13 अक्टूबर से 19 अक्टूबर 2025 तक। अभ्यर्थियों ने पूछा कि जब एक बार आपत्तियाँ ले ली गई थीं, तो दूसरी बार प्रक्रिया दोहराने की क्या जरूरत थी? यह चयन समिति की असमंजस और पक्षपातपूर्ण रवैये को उजागर करता है।
अभ्यर्थियों ने मांग की है कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारीक सिंह (IAS) और सचिव भीम सिंह (IAS) इस भर्ती प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच कर तत्काल रद्द करें। साथ ही, आगामी भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जाए ताकि योग्य उम्मीदवारों को न्याय मिल सके।
राज्य के लाखों बेरोजगार युवाओं की निगाहें अब विभागीय कार्रवाई पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या बिहान में हुई भर्ती की यह गड़बड़ी केवल चर्चा बनकर रह जाएगी, या इस बार वास्तव में जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी?



