RBI का बड़ा फैसला: रेपो रेट में 0.25% की कटौती, आम आदमी को राहत — GDP अनुमान बढ़ा, महंगाई घटी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रुपये में गिरावट और बेहतर GDP आंकड़ों के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने आम जनता को राहत देने वाला बड़ा कदम उठाया है। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट (0.25%) की कटौती का ऐलान किया है। खास बात यह रही कि समिति ने यह फैसला सर्वसम्मति से लिया और पॉलिसी रुख ‘न्यूट्रल’ ही रखा।
GDP अनुमान बढ़ा, महंगाई का दबाव कम
RBI ने चालू वित्त वर्ष 2026 के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 6.8% से बढ़ाकर 7.3% कर दिया है। यह उच्च विकास दर देश की मजबूत आर्थिक स्थिति का संकेत दे रही है।
वहीं महंगाई के अनुमानों में भी संशोधन किया गया:
- Q3 महंगाई: 6.4% → 7%
- Q4 महंगाई: 6.2% → 6.5%
आरबीआई गवर्नर की बड़ी बातें
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि देश की मैन्युफैक्चरिंग एक्टिविटीज लगातार सुधार कर रही हैं, और अर्थव्यवस्था एक “दुर्लभ गोल्डीलॉक्स स्थिति” में है यानी विकास भी मजबूत और महंगाई भी नियंत्रण में।
उन्होंने यह भी बताया—
- RBI बैंकिंग सिस्टम में 1.45 लाख करोड़ रुपये की लिक्विडिटी डालेगा।
- खुले बाजार में 1 लाख करोड़ रुपये तक के बांड ख़रीदे जाएंगे।
- 5 अरब डॉलर का डॉलर-रुपया स्वैप भी किया जाएगा।
रिटेल कस्टमर की EMI पर सीधे असर
रेपो रेट में कटौती का मतलब है कि होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन की EMI पहले से कम होगी। यानी आम आदमी की जेब पर बोझ घटेगा।



