करुर भगदड़ केस में विजय को बड़ा झटका, CBI ने 12 जनवरी को पूछताछ के लिए किया तलब

नई दिल्ली। अभिनेता से नेता बने तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) प्रमुख विजय की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। करुर भगदड़ मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने विजय को 12 जनवरी को पूछताछ के लिए तलब किया है। यह मामला 27 सितंबर 2025 को करुर जिले के वेलुसामीपुरम में हुई उस दर्दनाक भगदड़ से जुड़ा है, जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई थी।
दरअसल, विजय की पार्टी टीवीके की रैली में उम्मीद से कहीं ज्यादा भीड़ जुट गई थी। अधिकारियों के मुताबिक, जिस स्थान पर रैली हो रही थी, उसकी क्षमता करीब 10 हजार लोगों की थी, लेकिन वहां करीब 30 हजार लोग पहुंच गए। सुरक्षा मानकों की अनदेखी, पीने के पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी के चलते हालात बेकाबू हो गए और भगदड़ मच गई।
क्या था भगदड़ का मुख्य कारण?
जांच में सामने आया है कि भीड़ प्रबंधन में गंभीर लापरवाही इस हादसे की सबसे बड़ी वजह रही। विजय को दोपहर 12 बजे रैली स्थल पर पहुंचना था, लेकिन वे करीब 7 घंटे की देरी से शाम 7 बजे पहुंचे। इस दौरान भीड़ लगातार बढ़ती रही। जैसे ही विजय की कैंपेन बस मौके पर पहुंची, उत्साह में लोग उन्हें देखने के लिए पेड़ों, छतों और बिजली के खंभों पर चढ़ गए। स्थिति को संभालने के लिए बिजली आपूर्ति तक काटनी पड़ी, लेकिन तब तक हालात बिगड़ चुके थे।
मृतकों के परिजनों को मिला मुआवजा
हादसे के अगले ही दिन विजय ने 41 मृतकों के परिवारों को 20-20 लाख रुपये और घायलों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया था। इसके साथ ही उन्होंने अपनी राज्यव्यापी यात्रा स्थगित कर दी थी। मामले में टीवीके के करुर पश्चिम जिला सचिव मथियाझागन को गिरफ्तार भी किया गया था, हालांकि बाद में अदालत ने उन्हें राहत दे दी।
अब जांच किस मोड़ पर?
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यह मामला सीबीआई को सौंपा गया है। अब तक पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं से पूछताछ हो चुकी है। अब खुद विजय जांच के घेरे में आ गए हैं। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई उनसे रैली की योजना, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल करेगी। विजय पहले ही कह चुके हैं कि वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे।
2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले यह मामला टीवीके और विजय के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती बनता जा रहा है।



