भारत माला मुआवजा घोटाला: करोड़ों की धांधली का खुलासा, पूर्व तहसीलदार और नायब तहसीलदार गिरफ्तार

रायपुर, 11 फरवरी 2026।भारत माला कॉरिडोर सड़क निर्माण परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण मुआवजा प्रकरण में हुए बहु-करोड़ रुपये के कथित घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अहम राजस्व अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में अभनपुर के तत्कालीन तहसीलदार शशिकांत कुर्रे और गोबरा नवापारा के तत्कालीन नायब तहसीलदार लखेश्वर प्रसाद किरण शामिल हैं।
EOW के अनुसार, दोनों अधिकारी मुआवजा राशि को अवैध रूप से बढ़ाकर राज्य शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाने की साजिश में केंद्रीय भूमिका में थे। इस संबंध में रायपुर-खरोरा और नया रायपुर थानों में अपराध क्रमांक 30/2025 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 467, 468, 471, 420, 409, 120बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 और 12 के तहत मामला कायम किया गया है।
एफआईआर के मुताबिक, आरोपियों ने अधीनस्थ पटवारियों, राजस्व निरीक्षकों, बिचौलियों और अन्य लोगों के साथ मिलकर फर्जी राजस्व अभिलेख और दस्तावेज तैयार किए। इसके आधार पर प्रभावित भू-स्वामियों को वैध देय राशि से कई गुना अधिक मुआवजा जारी किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि इस कृत्य से शासन को करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ।
EOW अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों ने पूर्व में हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत की मांग की थी, जिसे खारिज कर दिया गया। इससे पहले विशेष न्यायालय ने उनके विरुद्ध स्थायी गिरफ्तारी वारंट और उद्घोषणा आदेश भी जारी किए थे। मामले में अन्य फरार लोक सेवकों की भूमिका की भी जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहे थे और फरार घोषित थे। 11 फरवरी 2026 को उन्हें हिरासत में लेकर विधिवत गिरफ्तार किया गया। बाद में उन्हें विशेष न्यायालय, रायपुर में पेश किया गया, जहां से विस्तृत पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
EOW ने संकेत दिया है कि पूछताछ के दौरान घोटाले में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका भी सामने आ सकती है और आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं। मामला फिलहाल विशेष न्यायालय, रायपुर में विचाराधीन है।



