“होली से पहले किसानों के खातों में खुशियों की बारिश: धान की सबसे ऊंची कीमत और ‘शून्य’ ब्याज कर्ज से बदली तस्वीर”

रायपुर | 02 मार्च 2026
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के किसानों को देश में धान की सर्वाधिक कीमत दी जा रही है और अब उन्हें ‘शून्य’ ब्याज पर कर्ज की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि भूमिहीन कृषि मजदूरों के खातों में भी सीधे राशि अंतरित की जा रही है। खाद पर सब्सिडी, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और सहकारिता को लाभकारी बनाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है।
25.28 लाख किसानों को 10,324 करोड़ की सहायता
बिल्हा विकासखंड के रहंगी में आयोजित आदान सहायता राशि वितरण एवं वृहद किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने 25.28 लाख किसानों के बैंक खातों में कुल 10,324 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए। इनमें बिलासपुर जिले के 1,25,352 किसानों को 494.38 करोड़ रुपए मिले।
इस अवसर पर ‘कृषक उन्नति योजना का वरदान, छत्तीसगढ़ का हर किसान धनवान’ थीम पर एक वीडियो भी जारी किया गया।
होली से पहले खातों में पहुंची राशि
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 25 लाख से अधिक किसानों ने धान बेचा है। होली से पहले उनके खातों में राशि पहुंचा दी गई है, ताकि वे त्योहार उत्साह से मना सकें। उन्होंने कहा कि सरकार किसान हितैषी है और किसानों के लिए प्रगतिशील योजनाएं लागू की गई हैं।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को 6 हजार रुपए सालाना दिए जा रहे हैं। इस वर्ष कृषि बजट 13 हजार करोड़ रुपए से अधिक का रखा गया है।
बस्तर में नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में हो रही प्रगति का जिक्र करते हुए मार्च 2026 तक संकल्प पूरा करने की बात कही। साथ ही खनिज संसाधनों के समुचित दोहन, पर्यटन संभावनाओं के विकास और एनडीडीबी से समझौते के जरिए दुग्ध क्रांति की दिशा में प्रयासों की जानकारी दी।
किसानों की जुबानी
बसंती कश्यप, जगदलपुर
“मेरे खाते में 36 हजार रुपए आए हैं। इससे होली का त्योहार अच्छे से मना सकेंगे और परिवार की जरूरतें भी पूरी होंगी।”
सुखन साय, पहाड़ी कोरवा, कोरबा
“मैंने एमएसपी पर 73 क्विंटल धान बेचा। इसके एवज में 53 हजार रुपए मिले। इसका उपयोग घर बनाने में करेंगे।”
समर्थ सिंह, जांजगीर
“धान बेचने पर मेरे खाते में 1 लाख 41 हजार रुपए आए हैं। इस बार होली धूमधाम और उल्लास के साथ मनेगी।”
सरकार का दावा है कि किसानों की आय बढ़ाने, कृषि लागत घटाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए योजनाओं का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।



