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बलौदाबाजार औद्योगिक हादसा: रियल इस्पात एंड एनर्जी का किल्न-01 सील, संचालन और मेंटेनेंस पर रोक

00सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन उजागर, 6 मजदूरों की मौत के बाद सख्त कार्रवाई00

रायपुर, 23 जनवरी 2026/ बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम धौराभाठा स्थित मेसर्स रियल इस्पात एंड एनर्जी प्रा. लि. में हुए भीषण औद्योगिक हादसे के बाद राज्य सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कारखाना अधिनियम के तहत किल्न क्रमांक-01 को सील कर उसके संचालन और मेंटेनेंस पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया गया है।

प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन की पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई है। सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, बलौदाबाजार-भाटापारा द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह हादसा 22 जनवरी 2026 की सुबह करीब 9:40 बजे हुआ।

850–900 डिग्री तापमान के बीच हुआ विस्फोट

जांच में सामने आया कि किल्न क्रमांक-01 के डस्ट सेटलिंग चेंबर के दूसरे तल पर कार्य के दौरान अचानक विस्फोट और गर्म ऐश की बौछार हुई। उस समय चेंबर के भीतर 850 से 900 डिग्री सेल्सियस तापमान की गर्म ऐश को पोकिंग के जरिए नीचे गिराया जा रहा था, जिससे मौके पर ही 6 श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि 5 श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए।

SOP का पालन नहीं, बिना शटडाउन कराया गया खतरनाक काम

संयुक्त निरीक्षण दल द्वारा की गई जांच में स्पष्ट हुआ कि—

  • किल्न को शटडाउन किए बिना श्रमिकों से अत्यंत जोखिमपूर्ण कार्य कराया गया
  • हाइड्रोलिक स्लाइड गेट बंद नहीं किया गया
  • वर्क परमिट जारी नहीं किया गया
  • नियमित मेंटेनेंस और सुरक्षा पर्यवेक्षण का अभाव रहा
  • श्रमिकों को हीट रेसिस्टेंट एप्रन, सुरक्षा जूते, हेलमेट जैसे अनिवार्य सुरक्षा उपकरण नहीं दिए गए
  • सुरक्षा प्रशिक्षण भी नहीं कराया गया

इमिनेंट डेंजर घोषित, फैक्ट्री एक्ट की धारा 40(2) के तहत कार्रवाई

जांच के दौरान किल्न क्रमांक-01 में विनिर्माण और मेंटेनेंस कार्य को इमिनेंट डेंजर की श्रेणी में पाया गया। इसके चलते कारखाना अधिनियम, 1948 की धारा 40(2) के तहत किल्न-01 के संचालन और सभी मेंटेनेंस कार्यों पर प्रतिबंध लगाया गया है।

यह प्रतिबंध तब तक लागू रहेगा, जब तक कारखाना प्रबंधन द्वारा सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित कर प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते

प्रतिबंध अवधि में मजदूरों को पूरा वेतन देना अनिवार्य

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रतिबंध की अवधि के दौरान सभी श्रमिकों को नियत तिथि पर पूरा वेतन और भत्ते देना अनिवार्य होगा

सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा ने कहा कि
“औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।”


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Manish Tiwari

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