अमीन भर्ती परीक्षा 7 दिसंबर को: 2.29 लाख अभ्यर्थी, 756 सेंटर, सख्त ड्रेस कोड और कड़े नियम लागू

रायपुर, 18 नवंबर 2025।छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा जल संसाधन विभाग के अंतर्गत आयोजित अमीन भर्ती परीक्षा 07 दिसंबर को प्रदेशभर के 16 जिलों में आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के लिए कुल 756 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 2 लाख 29 हजार 970 अभ्यर्थी शामिल होंगे।
परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कई सामान पूर्णतः वर्जित
व्यापम ने साफ किया है कि परीक्षा कक्ष में कोई भी संचार या इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, पर्स, पाउच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना प्रतिबंधित है। धार्मिक या सांस्कृतिक पोशाक पहनने वाले अभ्यर्थियों को अतिरिक्त सुरक्षा जांच से गुजरना होगा। ऐसे परीक्षार्थियों को निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचना अनिवार्य है।
निर्देशों के उल्लंघन या अनुचित साधनों के उपयोग पर अभ्यर्थी को परीक्षा से बाहर कर दिया जाएगा।
16 जिलों में होगी परीक्षा, सभी 33 जिलों के अभ्यर्थी शामिल
अमीन भर्ती परीक्षा जिन जिलों में आयोजित होगी, उनमें अंबिकापुर, कोरिया, बिलासपुर, दंतेवाड़ा, धमतरी, दुर्ग, जगदलपुर, जांजगीर-चांपा, जशपुर, कांकेर, कबीरधाम, कोरबा, महासमुंद, रायगढ़, रायपुर और राजनांदगांव शामिल हैं।
ड्रेस कोड सख्त: हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनना अनिवार्य
परीक्षा में शामिल होने के लिए परीक्षार्थियों को हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनने होंगे।
काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, मैरून, बैंगनी और गहरे चॉकलेटी रंग के कपड़े प्रतिबंधित हैं।
केवल बिना पॉकेट वाला साधारण स्वेटर पहनने की अनुमति है, जिसे जांच के दौरान उतारकर दिखाना होगा।
फुटवियर में सिर्फ चप्पल पहनने की अनुमति है और कानों में किसी भी प्रकार के आभूषण पूरी तरह वर्जित हैं।
परीक्षा केंद्र में 2 घंटे पहले पहुंचना अनिवार्य
व्यापम ने निर्देश दिया है कि सभी अभ्यर्थी परीक्षा शुरू होने से कम से कम दो घंटे पहले केंद्र पहुंचें, ताकि frisking और सुरक्षा जांच समय पर पूरी की जा सके।
परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा।
व्यापम ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे दिशा-निर्देशों का पूरा अध्ययन करें और निर्धारित समय पर सभी जरूरी दस्तावेजों व उचित पहनावे के साथ परीक्षा केंद्र पहुंचें। नियमों का पालन न करने पर अभ्यर्थिता समाप्त की जा सकती है और आवश्यकतानुसार कड़ी कार्रवाई भी होगी।



