अमन साव गैंग का गुर्गा मयंक सिंह उर्फ़ सुनील मीणा अजरबैजान से गिरफ्तार, रायपुर पुलिस लेकर आ रही… शूटआउट, हत्या और उगाही में था वांछित

रायपुर, 26 नवंबर 2025/ कुख्यात गैंगस्टर अमन साव की गैंग से जुड़े कुख्यात बदमाश मयंक सिंह उर्फ़ सुनील मीणा को पुलिस रायपुर लेकर आ रही है। उस पर गैंगबाजी, शूटआउट, हत्या और अवैध वसूली जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। अजरबैजान में गिरफ्तारी के बाद उसे झारखंड की जेल में रखा गया था, जहां से अब प्रोडक्शन वारंट पर रायपुर लाया जा रहा है।
कैसे आया था नाम सामने
जुलाई 2024 में तेलीबांधा स्थित रोड कंस्ट्रक्शन और परिवहन से जुड़ी पीआरए ग्रुप की ऑफिस पर हुए शूटआउट में अमन साव गैंग के एक दर्जन से अधिक गुर्गों की गिरफ्तारी हुई थी। इसी जांच के दौरान विदेश में बैठकर सोशल मीडिया के जरिए गैंग की तरफ से धमकाने वाले मयंक सिंह का नाम भी उजागर हुआ।
धमकियां और गोली चलाने की चेतावनी
मामले की जांच में सामने आया कि मई 2024 में रायपुर पुलिस ने शूटआउट की साजिश रचने आए हरियाणा और झारखंड के शूटरों को पिस्टल के साथ पकड़ लिया था। पूछताछ में पता चला कि मयंक सिंह गैंग में शूटरों की कमी नहीं होने का दावा करते हुए पीआरए ग्रुप को सोशल मीडिया पर खुली धमकियां दे रहा था। उसने ये भी कहा था कि मांग पूरी नहीं हुई तो गोली चलेगी और निशाना नहीं चूकेगा।
दो महीने बाद जुलाई 2024 में, तेलीबांधा स्थित पीआरए ऑफिस के बाहर दो शूटरों ने बाइक से आकर फायरिंग की, जिसके बाद पुलिस ने एक महीने में अमन साव गिरोह के 12 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
अमन साव की मौत और केस की पृष्ठभूमि
अमन साव को अक्टूबर 2024 में प्रोडक्शन वारंट पर रायपुर लाया गया था। मार्च 2025 में झारखंड ले जाते समय उसने भागने की कोशिश की, जिसके दौरान हुई कथित मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई।
रायपुर फायरिंग केस में अब तक 12 गिरफ्तार
- 26 मई 2024: भाठागांव से दो शूटर पकड़े गए
- पूछताछ में 2 और गिरफ्तार
- 4 आरोपियों को झारखंड से पकड़ा गया
- 13 जुलाई 2024: पीआरए ऑफिस के बाहर फायरिंग
- इसके बाद अमन साव समेत 12 आरोपी गिरफ्तार
अब गैंग की धमकी और नेटवर्क को संचालित करने वाला मयंक सिंह उर्फ़ सुनील मीणा रायपुर पुलिस की गिरफ्त में आने वाला है, जिससे फायरिंग केस की जांच और आगे बढ़ सकती है।



