नई दिल्ली में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के लिए पहुंचे अलार करिस

नई दिल्ली [भारत], 17 फरवरी। एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार करिस मंगलवार को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग लेने के लिए राजधानी नई दिल्ली पहुंचे। यह वैश्विक सम्मेलन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
एयरपोर्ट पर केंद्रीय युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे तथा विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने राष्ट्रपति करिस का स्वागत किया।
20 वैश्विक नेताओं की भागीदारी
विदेश मंत्रालय ने 13 फरवरी को जानकारी दी थी कि इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में दुनिया भर के 20 शीर्ष नेता हिस्सा लेंगे, जिनमें एस्टोनिया के राष्ट्रपति का दौरा भी शामिल है। यह समिट एआई, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और नई तकनीकों में सहयोग के नए आयाम खोलने का मंच बनेगा।
डिजिटल और टेक सहयोग पर रहेगा फोकस
राष्ट्रपति करिस के इस दौरे से भारत और एस्टोनिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर डिजिटल गवर्नेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को विस्तार मिलेगा।
विदेश मंत्रालय की ब्रीफिंग के अनुसार, भारत और एस्टोनिया के बीच संपर्क कई सदियों पुराना है और हाल के वर्षों में दोनों देशों के संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
नई दिल्ली में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के लिए पहुंचे अलार करिस
नई दिल्ली [भारत], 17 फरवरी। एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार करिस मंगलवार को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग लेने के लिए राजधानी नई दिल्ली पहुंचे। यह वैश्विक सम्मेलन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
एयरपोर्ट पर केंद्रीय युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे तथा विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने राष्ट्रपति करिस का स्वागत किया।
20 वैश्विक नेताओं की भागीदारी
विदेश मंत्रालय ने 13 फरवरी को जानकारी दी थी कि इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में दुनिया भर के 20 शीर्ष नेता हिस्सा लेंगे, जिनमें एस्टोनिया के राष्ट्रपति का दौरा भी शामिल है। यह समिट एआई, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और नई तकनीकों में सहयोग के नए आयाम खोलने का मंच बनेगा।
डिजिटल और टेक सहयोग पर रहेगा फोकस
राष्ट्रपति करिस के इस दौरे से भारत और एस्टोनिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर डिजिटल गवर्नेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को विस्तार मिलेगा।
विदेश मंत्रालय की ब्रीफिंग के अनुसार, भारत और एस्टोनिया के बीच संपर्क कई सदियों पुराना है और हाल के वर्षों में दोनों देशों के संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।



