30 की उम्र के बाद शरीर को जवान रखने के लिए रोज करें ये 5 योगासन : हड्डियां रहेंगी मजबूत, पेट रहेगा फिट और दिमाग शांत

नई दिल्ली, 05 जनवरी 2026/ 30 साल की उम्र के बाद शरीर में कई तरह के बदलाव शुरू हो जाते हैं। हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है, मांसपेशियों की लचीलापन घटने लगता है और थकान जल्दी महसूस होती है। ऐसे में अगर समय रहते योग को दिनचर्या में शामिल कर लिया जाए तो बढ़ती उम्र के असर को काफी हद तक रोका जा सकता है।
योग न सिर्फ शरीर को मजबूत बनाता है बल्कि मानसिक तनाव, चिंता और थकान को भी दूर करता है। विशेषज्ञों के अनुसार 30 के बाद रोज सिर्फ 20–30 मिनट योग करने से फिटनेस और इम्युनिटी दोनों बनी रहती है। आइए जानते हैं ऐसे 5 योगासन, जिन्हें 30 की उम्र के बाद जरूर करना चाहिए।
🔆 1. सूर्य नमस्कार
सूर्य नमस्कार 12 योगासनों का पूरा पैकेज है।
यह पूरे शरीर को एक्टिव करता है, ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।
इससे वजन कंट्रोल रहता है, पाचन सुधरता है और तनाव कम होता है।
🐍 2. भुजंगासन
यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है।
पीठ दर्द में राहत मिलती है, फेफड़े मजबूत होते हैं और पेट की चर्बी कम होती है।
🧎♂️ 3. वज्रासन
यह एकमात्र योगासन है जिसे खाना खाने के बाद भी किया जा सकता है।
यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है, गैस और एसिडिटी से राहत देता है।
घुटनों और जांघों को मजबूती मिलती है और मन शांत रहता है।
🔺 4. त्रिकोणासन
यह आसन शरीर का संतुलन सुधारता है और कमर व पैरों को मजबूत बनाता है।
कमर दर्द से राहत मिलती है और शरीर की स्टेबिलिटी बढ़ती है।
😴 5. शवासन
योग के अंत में किया जाने वाला यह आसन शरीर और दिमाग दोनों को रिलैक्स करता है।
इससे तनाव, चिंता और थकान दूर होती है और नींद भी बेहतर आती है।
📌 डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी तरह की शारीरिक समस्या या बीमारी होने पर योग करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।



