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ABVV दीक्षांत समारोह 2025: कोविंद बोले—सीखते रहो तभी मिलेगी सफलता; राज्यपाल ने संयम-अनुशासन की सीख दी, CM विष्णु देव साय ने नवाचार को बताया भविष्य का मार्ग

रायपुर, 4 दिसम्बर 2025।अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय का छठवां दीक्षांत समारोह आज पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के मुख्य आतिथ्य में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। राज्यपाल रमेन डेका की अध्यक्षता और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव तथा उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बनाया। समारोह में 64 शोधार्थियों को उपाधि, 92 छात्रों को गोल्ड मेडल और 36,950 विद्यार्थियों को स्नातक एवं स्नातकोत्तर की डिग्रियाँ प्रदान की गईं।

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आज का युवा भारत की प्रगति का सशक्त वाहक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा स्नातक उपाधि के साथ समाप्त नहीं होती, बल्कि 21वीं सदी में निरंतर सीखना, कौशल निखारना और आत्मविकास सफलता की अनिवार्य शर्त है। उन्होंने बेटियों की बढ़ती उपलब्धियों को सराहते हुए कहा कि अनेक स्वर्ण पदक विजेताओं में बेटियाँ आगे हैं।
कोविंद ने विद्यार्थियों से भारतीय संस्कृति, मूल्यों और योग-विज्ञान जैसी धरोहर से जुड़ने के साथ-साथ अपने सपनों को साकार करने हेतु प्रयास जारी रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा—“कभी मत सोचिए कि आप पीछे रह गए हैं। यदि प्रयास जारी है, तो आप हमेशा आगे बढ़ सकते हैं।”

राज्यपाल रमेन डेका ने युवाओं को जीवन की चुनौतियों का सामना धैर्य और साहस के साथ करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गिरना जीवन का हिस्सा है, लेकिन हर बार स्वयं को उठाकर आगे बढ़ना सबसे बड़ी शक्ति है। राज्यपाल ने मानसिक स्वास्थ्य को महत्वपूर्ण बताते हुए योग, ध्यान और नियमित व्यायाम को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से तनाव रहित, पारदर्शी और समाजहितकारी कार्यक्षेत्र चुनने की अपील की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सफलता केवल डिग्री से नहीं, बल्कि निरंतर सीखने की इच्छा से तय होती है। उन्होंने कहा कि युवा यदि अपनी संस्कृति की जड़ों से जुड़े रहते हुए तकनीक, नवाचार और कड़ी मेहनत को अपनाते हैं, तो वही कल के भारत का निर्माण करेंगे।
सीएम ने कहा कि यह समारोह केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सपनों, संघर्षों और उपलब्धियों का उत्सव है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत बहुविषयक शिक्षा, कौशल आधारित शिक्षण, चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम और अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट जैसी व्यवस्थाओं के सफल क्रियान्वयन की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने विवि के डिजिटलाइजेशन प्रयासों की तारीफ की, जिनसे प्रवेश, परीक्षा फॉर्म, ट्रांसक्रिप्ट और डिग्री जैसी सेवाएँ ऑनलाइन और पारदर्शी रूप से उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने बताया कि पीएम-उषा कार्यक्रम के तहत प्राप्त वित्तीय सहयोग से नई प्रयोगशालाएँ, स्मार्ट कक्षाएँ, डिजिटल लाइब्रेरी और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं, जिससे उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और बेहतर होगी।

डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के दृष्टिकोण से निर्मित यह राज्य शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में निरंतर प्रगति कर रहा है। उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय में 20 करोड़ रूपये की विकास परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है और अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की त्रैमासिक पत्रिका ‘कन्हार’ का भी विमोचन किया गया।

समारोह में विधायक अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, अटल श्रीवास्तव, दिलीप लहरिया, क्रेडा अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी, महापौर पूजा विधानी, कुलसचिव डॉ. तारणीश गौतम सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी और प्राध्यापक उपस्थित रहे।


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Manish Tiwari

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