छत्तीसगढ़ शराब घोटाला में बड़ा एक्शन: अनवर ढेबर और केके श्रीवास्तव पर EOW का शिकंजा, कोर्ट से मांगा गया प्रोडक्शन वारंट

रायपुर, 9 जनवरी 2026/ छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में अब जांच ने और तेज रफ्तार पकड़ ली है। जेल में बंद अनवर ढेबर और केके श्रीवास्तव की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के बाद अब आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) भी मैदान में उतर चुकी है।
EOW ने दोनों आरोपियों से पूछताछ के लिए कोर्ट में प्रोडक्शन वारंट की अर्जी दाखिल कर दी है। माना जा रहा है कि पूछताछ के बाद इस घोटाले में कई बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक नाम सामने आ सकते हैं।
🔍 क्या है 2165 करोड़ का शराब घोटाला?
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल (2019–2023) में छत्तीसगढ़ की शराब नीति में बदलाव कर चहेती कंपनियों को फायदा पहुंचाने का एक संगठित खेल खेला गया।
- नकली होलोग्राम और फर्जी सील तैयार करवाई गई
- नोएडा की कंपनी के जरिए इनकी सप्लाई हुई
- महंगी शराब की बोतलें सरकारी दुकानों से बेची गईं
- नकली होलोग्राम होने से बिक्री शासन की नजर में नहीं आई
- सरकार को एक्साइज टैक्स का भुगतान नहीं हुआ
इस पूरे नेटवर्क से 2165 करोड़ रुपए का टैक्स घोटाला हुआ। जांच एजेंसियों के मुताबिक इस रकम से
कांग्रेस भवन निर्माण, नेताओं, अधिकारियों और मंत्रियों तक पैसा पहुंचाया गया।
🧾 अब तक कौन-कौन गिरफ्तार?
इस केस में अब तक बड़े नाम कानून के शिकंजे में आ चुके हैं —
- पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा
- पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल
- पूर्व IAS अनिल टुटेजा
- एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर
- कई कारोबारी और सप्लायर
इसके अलावा 28 आबकारी अधिकारी भी आरोपी बनाए गए थे, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
🚨 EOW की एंट्री से बढ़ेगी घोटाले की परतें
ED के बाद अब EOW की पूछताछ से यह घोटाला और गहराई में जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में राजनीतिक फंडिंग और मनी ट्रेल को लेकर बड़े खुलासे संभव हैं।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में यह मामला आने वाले समय में बड़ा भूचाल ला सकता है।



