छत्तीसगढ़

हनुमान जी शंकर के रुद्रावतार, श्रीराम से आत्मा-परमात्मा का संबंध – धीरेंद्र शास्त्री

बिलासपुर, 29 दिसंबर 2025/ दिव्य हनुमंत कथा के चौथे दिन पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने सनातन धर्म की रक्षा और हिंदू समाज की एकता का संदेश देते हुए जात-पात से ऊपर उठकर राष्ट्रवाद को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब हिंदू समाज एकजुट होकर राष्ट्रवाद को अपना मूल मंत्र बनाएगा, तभी भारत हिंदू राष्ट्र के मार्ग पर आगे बढ़ेगा।

कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने हनुमान चालीसा की चौपाइयों का उल्लेख करते हुए कहा कि “शंकर सुवन केसरी नंदन” केवल शब्द नहीं बल्कि आध्यात्मिक सत्य है। भगवान शंकर ही रुद्रावतार के रूप में हनुमान जी हैं, जिन्होंने अंजनी माता और वानरराज केसरी के तप से वानर कुल में जन्म लिया। उन्होंने कहा कि जिनके पास अतुलित बल हो, जो सूर्य को निगल लें, सौ योजन समुद्र लांघ दें और अकेले रावण की स्वर्ण लंका जला दें, फिर भी जो प्रभु श्रीराम के प्रति पूर्ण विनम्रता बनाए रखें — ऐसा केवल हनुमान जी में ही संभव है। यही भक्त और भगवान के आत्मा-परमात्मा जैसे अटूट संबंध का प्रमाण है।

हजारों श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब

रविवार को कथा स्थल और जयंती स्टेडियम मैदान के आसपास श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। हजारों लोग जमीन पर बैठकर तो कई पेड़ों पर चढ़कर कथा श्रवण करते नजर आए। चौथे दिन भी दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने हनुमंत कथा का रसपान किया।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित कई नेता हुए शामिल

हनुमंत कथा में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पाण्डेय, कथा संयोजक राकेश पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि और समाजसेवी उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से नंद कुमार साय, धरमलाल कौशिक, सांसद संतोष पाण्डेय, चंदूलाल साहू, पूर्णेंद्र सक्सेना (आरएसएस), बिसरा राम यादव, गौरी शंकर श्रीवास, विश्व विजय सिंह तोमर, राहुल टिकरिहा, दीपक महस्के सहित बड़ी संख्या में नेता व पदाधिकारी शामिल हुए।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पंडित धीरेंद्र शास्त्री केवल कथावाचक नहीं बल्कि करोड़ों सनातनियों की प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर धर्मगुरुओं और सनातन पर सवाल खड़े करते हैं, राम और वेद-पुराण को काल्पनिक बताने का प्रयास करते हैं, लेकिन ऐसे लोगों को जनता स्वयं जवाब देगी। सरकार समाज को दिशा देने वाले संत-महात्माओं और धर्म कथाओं के साथ मजबूती से खड़ी है।

हनुमंत कथा का समापन सोमवार को दोपहर 12 बजे किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।


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Manish Tiwari

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