संसद में वंदे मातरम् बहस: अमित शाह का विपक्ष पर हमला, नेहरू-इंदिरा गांधी पर भी निशाना

नई दिल्ली, 09 दिसंबर 2025/ नई दिल्ली में संसद के अंदर आज वंदे मातरम् पर बहस का दूसरा दिन है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में भाषण देते हुए कहा कि वंदे मातरम् का महत्व सदियों से रहा है और यह आजादी के आंदोलन से लेकर भविष्य के भारत 2047 तक हमेशा प्रासंगिक रहेगा।
अमित शाह ने कहा कि वंदे मातरम् की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी, जो अंग्रेजों द्वारा थोपे गए नए प्रभावों और इस्लामिक आक्रमणों का प्रतिकार थी। उन्होंने मातृभूमि के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम, आचार्य शंकर और चाणक्य भी मातृभूमि का वंदन करते थे।
पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि नेहरू ने वंदे मातरम् को दो हिस्सों में बांटकर तुष्टीकरण की शुरुआत की थी और इंदिरा गांधी के समय इसे बोलने वालों को जेल में डाल दिया गया।
गृह मंत्री ने कांग्रेस पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में संसद में वंदे मातरम् के गान पर रोक लगा दी गई थी। 1992 में भाजपा सांसद श्री राम नाईक और नेता प्रतिपक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने इसे फिर से संसद में गाने की पहल की थी।
वंदे मातरम् पर चल रही यह बहस देश में सियासी चर्चा का केंद्र बनी हुई है।



